बच्चों को सिख स्वरूप और गुरबाणी से जोड़ना हर परिवार की साझा जिम्मेदारी: ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज
संगरूर: बच्चों को सिख स्वरूप और गुरबाणी से जोड़ना हर परिवार की साझा जिम्मेदारी है। यह बात श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कही। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के साथ-साथ उसे गुरु की बाणी और बाणे से जोड़ने के लिए परिवारों को विशेष प्रयास करने की जरूरत है।
श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू हुआ मीरी-पीरी खालसा मार्च अपने दूसरे चरण के तहत आज गुरुद्वारा साहिब पातशाही नौवीं, गागा (संगरूर) से अगले पड़ाव गुरुद्वारा साहिब पातशाही नौवीं, करहाली साहिब के लिए पंथक परंपराओं के साथ रवाना हुआ।
गुरमत समागम के बाद मार्च हुआ रवाना
खालसा मार्च की रवानगी से पहले आयोजित गुरमत समागम में सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी राजदीप सिंह ने कथा-विचार के माध्यम से संगत के साथ इतिहास की जानकारी साझा की और गुरमत के अनुसार जीवन व्यतीत करने की प्रेरणा दी।
मार्च की रवानगी की अरदास हेड प्रचारक भाई सरबजीत सिंह ढोटियां ने की। इसके बाद श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को सिंह साहिब ज्ञानी राजदीप सिंह ने पालकी में सुशोभित किया।
‘गुरु मानियो ग्रंथ’ को जीवन का आधार बनाने की अपील
अपने संबोधन में ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने बाबा माखन शाह लुबाना का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की पहचान कर “साचा गुरु लाधो रे” का महान संदेश संगत तक पहुंचाया था। यह केवल ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि गुरु के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि हमें दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के आदेश “गुरु मानियो ग्रंथ” को जीवन का आधार बनाना चाहिए और किसी भी देहधारी को गुरु मानने के भ्रम से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरु सिद्धांत, श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता और पंथक एकता का संदेश संगत तक पहुंचाने के उद्देश्य से मीरी-पीरी खालसा मार्च निकाला जा रहा है।
नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता पर जोर
ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि आज पंजाब की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक नशे की समस्या है। नशा बेचने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने के साथ सरकारों को भी अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए जवाबदेह बनाना होगा।
उन्होंने कहा कि नशे की चपेट में आए युवाओं से नफरत करने के बजाय उन्हें प्यार, सहयोग और बेहतर जीवन की ओर लौटने का अवसर देना समाज की साझा जिम्मेदारी है। इसके साथ ही बच्चों को सिख स्वरूप और गुरबाणी से जोड़ने के लिए भी लगातार प्रयास किए जाने चाहिए।
हर हलके में होंगे गुरमत और अमृत संचार समागम
एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि खालसा मार्च की संपूर्णता के बाद हर विधानसभा हलके में गुरमत समागम और अमृत संचार समागम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी ही प्रदेश का भविष्य है। इसलिए हर माता-पिता और हर गुरसिख का कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को नशों से बचाकर गुरु से जोड़ें।
उन्होंने खालसा मार्च में सहयोग कर रही सभी संगठनों और संगतों का धन्यवाद किया। उल्लेखनीय है कि मीरी-पीरी खालसा मार्च को लेकर संगत में काफी उत्साह देखा जा रहा है। मार्च के दौरान कई युवा जहां साबत-सूरत रहने का प्रण ले रहे हैं, वहीं नशों से दूर रहने का संकल्प भी कर रहे हैं।
इस अवसर पर एसजीपीसी सदस्य भूपिंदर सिंह भलवान, गुरलाल सिंह, रामपाल सिंह बहिणीवाल, बीबी परमजीत कौर, हलका इंचार्ज एडवोकेट गगनदीप सिंह खंडेबाद, अतिरिक्त सचिव भगवंत सिंह धंगेड़ा, कलगीधर ट्रस्ट बड़ू साहिब से बाबा जगजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही।