विपक्ष की और से मुख्यमंत्री के खिलाफ सदन में लाया जाएगा विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में राष्ट्रगान के अपमान के मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। सदन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा में 68 विधायकों के सामने ही नहीं, बल्कि लाखों लोगों के सामने झूठ बोला गया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रगान के अपमान को लेकर लगाए गए आरोपों का कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है। उन्होंने दावा किया कि ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला, जिससे यह साबित हो कि राष्ट्रगान का अपमान हुआ था। nनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाएगा। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ हाईकोर्ट में क्रिमिनल डिफेमेशन का मामला दायर करने की भी बात कही।
जयराम ठाकुर के इन आरोपों पर सदन में मौजूद मंत्री जगत सिंह नेगी ने पलटवार किया। नेगी ने साफ कहा कि राष्ट्रगान का अपमान किया गया है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि अगर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के विषय पर चर्चा करनी है तो विपक्ष नियम 130 के तहत चर्चा करे। जगत नेगी ने भाजपा की मानसिकता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की मानसिकता देश के लिए घातक है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत जैसे संवेदनशील राष्ट्रीय विषयों को राजनीतिक विवाद का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद सदन का माहौल गरमा गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य अपनी-अपनी सीटों से नारेबाजी करने लगे। देखते ही देखते सदन में हंगामा बढ़ गया और दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते नजर आए। राष्ट्रगान के कथित अपमान का मुद्दा अब विधानसभा के भीतर सियासी टकराव का बड़ा कारण बन गया है।
विपक्ष जहां इसे मुख्यमंत्री के बयान से जोड़कर विशेषाधिकार हनन और मानहानि की कार्रवाई की बात कर रहा है, वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि राष्ट्रगान का अपमान हुआ है और इस मुद्दे पर नियमों के तहत सदन में चर्चा होनी चाहिए। फिलहाल, विधानसभा में शुरू हुई नारेबाजी और हंगामे के बीच यह मुद्दा और ज्यादा तूल पकड़ता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर सदन के भीतर सियासी घमासान और बढ़ने के आसार हैं।