बाबा बकाला साहिब में मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने टेका माथा, पंजाब की खुशहाली के लिए की अरदास

📍 स्थान / Location: Amritsar 🗂️ विषय / Category: पंजाब / Punjab 📹 Baba Bakala Sahib 📅 August 29, 2026 🌐 GPS: Amritsar

बाबा बकाला साहिब: राखड़ पुण्या के पावन अवसर पर बाबा बकाला साहिब में ‘गुरु लाधो रे दिवस’ के संबंध में चल रहे वार्षिक धार्मिक मेले के दौरान पंजाब के कैबिनेट मंत्री स. हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने बाबा बकाला साहिब विधानसभा क्षेत्र के विधायक स. दलबीर सिंह टोंग के साथ गुरुद्वारा पातशाही नौवीं, बाबा बकाला साहिब में नतमस्तक होकर सर्वजन के कल्याण के लिए अरदास की।

इस अवसर पर स. हरभजन सिंह ई.टी.ओ. और स. दलबीर सिंह टोंग ने गुरु घर में माथा टेकते हुए पंजाब की खुशहाली, तरक्की, अमन-शांति और प्रदेशवासियों की चढ़दी कला के लिए अरदास की। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री स. हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा कि गुरुद्वारा पातशाही नौवीं, बाबा बकाला साहिब सिख इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं पवित्र धार्मिक स्थल है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने बाबा बकाला में लंबे समय तक निवास करते हुए सिमरन और साधना की। श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी ने अपने अंतिम समय में ‘बाबा बकाला’ शब्दों का उच्चारण करते हुए अपने उत्तराधिकारी की ओर संकेत किया था। इसके बाद बाबा बकाला में कई दावेदार सामने आए।

इसी दौरान भाई माखन शाह लुबाणा जी बाबा बकाला पहुंचे। उनके द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी को सच्चे गुरु के रूप में पहचानने की ऐतिहासिक घटना ने गुरु साहिब की गुरुगद्दी की पहचान को स्पष्ट किया। भाई माखन शाह लुबाणा जी द्वारा छत पर चढ़कर “गुरु लाधो रे” का जयघोष करना सिख इतिहास की एक प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण घटना है। कैबिनेट मंत्री स. हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा कि बाबा बकाला साहिब की पवित्र धरती सिख इतिहास, गुरु साहिबान की स्मृतियों और महान धार्मिक परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक धार्मिक स्थल हमें गुरु साहिबान द्वारा दिखाए गए सेवा, सिमरन, त्याग और मानवता की सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।

विधायक स. दलबीर सिंह टोंग ने समस्त संगत को गुरु लाधो रे दिवस और राखड़ पुण्या की बधाई देते हुए कहा कि बाबा बकाला साहिब में हर वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नतमस्तक होने के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि यह पवित्र स्थल सिख संगत के लिए आस्था और इतिहास का महान केंद्र है। उन्होंने संगत से गुरु साहिबान द्वारा दिखाए गए सर्वजन के कल्याण, आपसी भाईचारे और मानवता की सेवा के मार्ग पर चलने की अपील की।

Scroll to Top