ज़िला स्तरीय प्रशिक्षण के दौरान सरपंचों को केंद्र और पंजाब सरकार की योजनाओं के बारे में दी जानकारी
ज़िला स्तरीय प्रशिक्षण के दौरान सरपंचों को केंद्र और पंजाब सरकार की योजनाओं के बारे में दी जानकारी
तरनतारन: जिला प्रशासन तरनतारन की ओर से पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए जिला स्तरीय ट्रेनिंग और वर्कशॉप आयोजित की गई। इसमें जिले के 9 ब्लॉकों से बड़ी संख्या में सरपंचों ने हिस्सा लिया। वर्कशॉप का उद्देश्य गांवों तक सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने और विकास कार्यों को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को जागरूक करना रहा।
केंद्र और पंजाब सरकार की योजनाओं की दी जानकारी
ट्रेनिंग के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने केंद्र और पंजाब सरकार की ओर से चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के बारे में सरपंचों को विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना पर भी विशेष चर्चा हुई। सरपंचों को बताया गया कि पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने में ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
सोलर स्ट्रीट लाइट योजना पर भी चर्चा
वर्कशॉप में पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (PEDA) की 12-वाट LED आधारित सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के बारे में भी जानकारी साझा की गई। पंचायत प्रतिनिधियों को गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की प्रक्रिया और इसमें ग्राम पंचायत की भूमिका से अवगत कराया गया।
योजना के तहत सरकार की ओर से 70 प्रतिशत और ग्राम पंचायत की ओर से 30 प्रतिशत हिस्सेदारी की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी गई।
कचरा प्रबंधन को लेकर पंचायतों को किया जागरूक
ट्रेनिंग के दौरान Solid Waste Management Rules, 2026 को ग्राम पंचायत स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया। सरपंचों को कचरे की स्रोत स्तर पर छंटाई, घर-घर से कूड़ा संग्रहण और ठोस कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन को लेकर जरूरी कदम उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके साथ ही 4-way waste segregation व्यवस्था को अपनाने और गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील
वर्कशॉप में ADC (Development), तरनतारन संजीव कुमार ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने सरपंचों से सरकारी योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने और विकास कार्यों को प्रभावी तरीके से लागू करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से गांवों में विकास और स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है।
स्वच्छ और कूड़ा-मुक्त गांव बनाने पर जोर
संजीव कुमार ने साफ-सुथरे, कूड़ा-मुक्त और पर्यावरण के लिहाज से स्वस्थ गांवों के निर्माण के लिए लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने पंचायतों से स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और स्वच्छता अभियानों को प्रभावी बनाने का आह्वान किया।
9 ब्लॉकों के सरपंचों ने लिया हिस्सा
जिला स्तरीय वर्कशॉप में तरनतारन, गंडीविंड, भिखीविंड, वल्टोहा, पट्टी, नौशहरा पन्नूआं, चोहला साहिब, खडूर साहिब और नागोके ब्लॉक के सरपंचों ने भाग लिया। ट्रेनिंग के दौरान पंचायतों को सरकारी योजनाओं, ग्रामीण विकास और बेहतर कचरा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।