मोगा में शुरू हुआ मेमोरियल कंप्यूटर सेंटर, जरूरतमंद बच्चों को मिलेगा डिजिटल शिक्षा का सहारा
मोगा में शुरू हुआ मेमोरियल कंप्यूटर सेंटर, जरूरतमंद बच्चों को मिलेगा डिजिटल शिक्षा का सहारा
पंजाब डेस्क: मोगा के बेरीयां वाला मोहल्ले में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ने की दिशा में नई पहल शुरू की गई है। सेवा भारती मोगा की ओर से बाबा साहिब डॉ. भीमराव अंबेडकर की स्मृति को समर्पित मेमोरियल कंप्यूटर सेंटर की शुरुआत की गई। यह सेंटर स्वर्गीय माता मनीषा त्यागी की याद में स्थापित किया गया है।
सेंटर शुरू होने पर बाबा साहिब डॉ. भीमराव अंबेडकर वेलफेयर सोसायटी, बेरीयां वाला मोहल्ला ने सेवा भारती के प्रयास की सराहना करते हुए संस्था का आभार जताया।
आठ कंप्यूटरों के साथ शुरू हुआ सेंटर
डॉ. मुकेश कोछड़ ने बताया कि सेवा भारती मोगा लंबे समय से जरूरतमंद वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियां चला रही है। संस्था की ओर से मोगा में पहले से आठ स्कूल और दो सिलाई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
इसी प्रयास को आगे बढ़ाते हुए बेरीयां वाला मोहल्ले में कंप्यूटर सेंटर शुरू किया गया है। शुरुआती चरण में यहां आठ कंप्यूटर लगाए गए हैं, जहां बच्चों को कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी के साथ जरूरत के अनुसार डिजिटल शिक्षा भी दी जाएगी।
नाममात्र की फीस पर मिलेगी शिक्षा
सेंटर को लगभग निशुल्क आधार पर संचालित करने की योजना है। बच्चों से केवल नाममात्र की फीस ली जाएगी, ताकि सेंटर के रखरखाव और जरूरी खर्चों को पूरा किया जा सके।
डॉ. मुकेश कोछड़ ने इस पहल को सफल बनाने में सहयोग देने वाले श्री देव पुरी त्यागी, विनोद नोहिरिया समेत अन्य सहयोगियों का आभार जताया।
शाम 4 से 6 बजे तक लगेंगी कक्षाएं
मोहल्ला निवासी डॉ. पवन भट्टी ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से कंप्यूटर सेंटर खोलने की मांग की जा रही थी। सेवा भारती ने इस मांग को पूरा करते हुए बच्चों के लिए शिक्षा का नया अवसर उपलब्ध करवाया है।
उन्होंने बताया कि सेंटर में बच्चों की रोजाना करीब दो घंटे की कक्षाएं लगेंगी। कक्षाओं का समय शाम 4 बजे से 6 बजे तक निर्धारित किया गया है।
पहले भी चल चुका है बाल संस्कार केंद्र
डॉ. भट्टी के अनुसार, सेवा भारती ने करीब 15 से 20 वर्ष पहले भी इस इलाके में बाल संस्कार केंद्र संचालित किया था। उस समय यहां शिक्षा हासिल करने वाले कई बच्चे आगे चलकर उच्च शिक्षा तक पहुंचे और सरकारी नौकरियों समेत विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।