शिला नाल हाइड्रो प्रोजेक्ट में स्थानीय रोजगार की मांग, ग्रामीणों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
हिमाचल प्रदेश: कुल्लू जिले की ग्राम पंचायत शिला नाल में निर्माणाधीन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना प्रबंधन पंचायत की ओर से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) में दर्ज शर्तों को पूरी तरह लागू नहीं कर रहा है। खास तौर पर स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और पंचायत क्षेत्र से जुड़े ठेकेदारों को काम देने की मांग उठाई गई है।
ग्रामीणों ने एसी टू डीसी को सौंपा ज्ञापन
मामले को लेकर शिला नाल पंचायत के ग्रामीण कुल्लू जिला मुख्यालय ढालपुर पहुंचे। यहां उन्होंने एसी टू डीसी जयवंती ठाकुर को ज्ञापन सौंपकर परियोजना प्रबंधन के साथ इस मुद्दे पर बातचीत कराने का आग्रह किया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पंचायत की ग्राम सभा द्वारा NOC जारी करते समय तय की गई शर्तों के अनुसार स्थानीय लोगों को रोजगार और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करवाई जाएं।
70 प्रतिशत स्थानीय रोजगार की रखी गई थी शर्त
ग्रामीणों के अनुसार, 17 अगस्त 2012 को सरवरी नदी पर 2.50 मेगावाट क्षमता की खलाड़ा लघु विद्युत परियोजना स्थापित करने के लिए ग्राम पंचायत शिला नाल की ग्राम सभा ने NOC जारी की थी।
ग्रामीणों का कहना है कि NOC में यह शर्त रखी गई थी कि परियोजना में 70 प्रतिशत बेरोजगार स्थानीय लोगों को उनकी योग्यता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके साथ ही आगजनी और आपदा से प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा देने, पंचायत क्षेत्र के पंजीकृत और अपंजीकृत ठेकेदारों को काम के अवसर देने तथा पंचायत को नियमों के अनुसार आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की शर्त भी रखी गई थी।
सिर्फ दो ठेकेदारों को काम देने का आरोप
स्थानीय ग्रामीण लाल चंद ने आरोप लगाया कि परियोजना कंपनी की ओर से पंचायत के केवल दो ठेकेदारों को काम दिया गया है, जबकि अन्य स्थानीय ठेकेदारों को अवसर नहीं मिला।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आगजनी और आपदा प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया है और पंचायत को नियमों के मुताबिक सामग्री उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि NOC में तय सभी शर्तों को लागू करवाया जाए।
पंचायत प्रधान ने दी विरोध की चेतावनी
शिला नाल पंचायत की प्रधान मीना देवी ने कहा कि परियोजना से जुड़े रोजगार और ठेकों में पंचायत के स्थानीय लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पंचायत क्षेत्र से बाहर के लोगों को रोजगार या ठेके देने के बजाय स्थानीय योग्य बेरोजगारों और ठेकेदारों को अवसर दिया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय हितों की अनदेखी की गई तो पंचायत और ग्रामीण इसका विरोध करेंगे।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से परियोजना प्रबंधन के साथ बैठक कर NOC की शर्तों की समीक्षा करने और उन्हें लागू करवाने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में स्थानीय योग्य युवाओं के लिए 70 प्रतिशत रोजगार, आपदा एवं आगजनी प्रभावितों को उचित मुआवजा, स्थानीय ठेकेदारों को काम और पंचायत के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता शामिल है।