‘कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा, पूरी दुनिया जानती है’: तारिक कर्रा

📍 स्थान / Location: Srinagar 🗂️ विषय / Category: जम्मू और कश्मीर / J & K 📹 Congress party 📅 August 20, 2026 🌐 GPS: Srinagar

‘कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा, पूरी दुनिया जानती है’: तारिक कर्रा

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिक कर्रा ने गुरुवार को कश्मीर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कश्मीर हमेशा से भारत का अभिन्न हिस्सा रहा है और इसकी स्थिति को किसी विदेशी प्रतिनिधि की मान्यता की आवश्यकता नहीं है।

कर्रा की यह टिप्पणी अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की श्रीनगर यात्रा के दौरान कश्मीर को भारत का “महत्वपूर्ण हिस्सा” बताए जाने के संदर्भ में सामने आई है।

अमेरिकी राजदूत के बयान पर उठाया सवाल

तारिक कर्रा ने अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और यह बात पूरी दुनिया जानती है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि अमेरिकी राजदूत ने यह बात किस संदर्भ में कही।

कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ संबंध एक स्थापित तथ्य है और इसके लिए किसी विदेशी प्रतिनिधि की ओर से प्रमाण या पुष्टि की जरूरत नहीं है।

तीसरे पक्ष की भूमिका पर केंद्र सरकार को घेरा

कर्रा ने कश्मीर से जुड़े मामलों में तीसरे पक्ष की भागीदारी को लेकर केंद्र सरकार की नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इसे मौजूदा भारतीय सरकार की असफल नीति करार दिया।

उनके मुताबिक, कश्मीर जैसे मुद्दों पर किसी तीसरे पक्ष की भूमिका स्वीकार करना देश की स्थिति को कमजोर करने वाला कदम है।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर भी बोले कर्रा

अमेरिकी राजदूत के जम्मू-कश्मीर दौरे पर पाकिस्तान की आपत्ति और वहां अमेरिकी प्रभारी राजदूत को कथित तौर पर तलब किए जाने से जुड़े सवाल पर कर्रा ने कहा कि यह पाकिस्तान का आंतरिक मामला है।

उन्होंने कहा कि भारत के आंतरिक मामलों में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं होनी चाहिए।

‘हर मामले में तीसरे पक्ष की दखलअंदाजी विफलता दर्शाती है’

तारिक कर्रा ने अपने बयान में कश्मीर के साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों पर तीसरे पक्ष की भागीदारी मौजूदा केंद्र सरकार की नीतिगत विफलता को दर्शाती है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि कश्मीर हो या ऑपरेशन सिंदूर, हर मामले में तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की स्थिति सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।

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