न्यू कॉप्लेक्स सिस्टम’ के विरोध में HPPTF का 40 दिनों से क्रमिक अनशन जारी , 5 सितंबर पर टिकी निगाहें

📍 स्थान / Location: शिमला 🗂️ विषय / Category: हिमाचल / Himachal 📹 Himachal News 📅 September 4, 2026 🌐 GPS: शिमला

शिमला। देशभर में जहां कल शिक्षक दिवस मनाया जाएगा और शिमला में शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। वहीं शिमला में प्राथमिक शिक्षक पिछले 40 दिनों से न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम के विरोध में शिक्षा निदेशालय के बाहर क्रमिक अनशन पर डटे हुए हैं। हिमाचल प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों को ‘कॉम्प्लेक्स/क्लस्टर सिस्टम’ के दायरे में लाने को लेकर उठे विवाद और चौड़ा मैदान में हुए विशाल धरने के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा मांगें मानने के ऐलान के बाद अब शिक्षकों को यह पूरी आस है कि कल 5 सितंबर को शायद उनकी मांगें मान ली जाएंगी।

प्राथमिक शिक्षक संघ के संयुक्त सचिव दीप कुमार ने कहा कि कांगड़ा के बनखंडी से अपनी मांगों को लेकर न्याय पदयात्रा आरंभ की गई थी। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, अनुबंध शिक्षकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों का भारी जनसमर्थन मिला। 26 जुलाई को चौड़ा मैदान (अम्बेडकर चौक), शिमला में एक ऐतिहासिक धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री ने स्वयं पहुंचकर मंच से घोषणा करते हुए शिक्षकों की सभी मांगों को स्वीकार किया था और आश्वासन दिया था कि इन्हें 5 सितंबर से पहले मान लिया जाएगा।

​उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार एक कर्मचारी हितैषी सरकार है (जिसने हिमाचल प्रदेश में ओपीएस लागू की है), जिससे यह पूरी उम्मीद की जाती है कि वह शिक्षकों के इन मुद्दों को गंभीरता से हल करेगी और उस जटिल व चरमराती व्यवस्था को वापस लेगी, जिससे शिक्षा की पूरी व्यवस्था चरमरा रही है और जिसके गंभीर दुष्परिणाम भविष्य में देखने को मिलेंगे। वर्तमान सरकार के शिक्षा मंत्री के साथ हुई बैठक में यह माना गया था कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में खिसककर इक्कीसवें स्थान पर आ गया है, जबकि प्राथमिक शिक्षकों के सहयोग और ‘असर’ (ASER) की रिपोर्ट में शिक्षकों ने निर्णायक भूमिका निभाई है।

शिक्षा मंत्री के आह्वान के बावजूद जब स्कूलों में इंटरनेट की कमी थी, शिक्षकों को मोबाइल फोन और खुद के डेटा का उपयोग करना पड़ रहा था, तब भी प्राथमिक शिक्षकों ने दिन-रात मेहनत करके और बच्चों की एक्स्ट्रा क्लासेज लगाकर पुरानी व्यवस्था के तहत ही प्राथमिक शिक्षा को पूरे भारतवर्ष में दूसरा स्थान दिलाया है। 21वें स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचने में प्राथमिक शिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान रहा है।

​उन्होंने आगे कहा कि घुमारवीं में हुए प्रांतीय अधिवेशन में प्रदेशभर से आए हजारों शिक्षकों ने एकसूत्रीय प्रस्ताव पारित किया था, जिसके अनुसार ही वर्तमान में क्रमिक अनशन जारी है। संगठन को मुख्यमंत्री द्वारा दी गई ओपीएस और अन्य घोषणाओं पर पूर्ण विश्वास है कि जो घोषणाएं चौड़ा मैदान में की गई थीं, वे पूरी होंगी। हालांकि, मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक में देरी होने और उसमें उन अन्य संघों को भी बुलाए जाने पर, जिनका प्राथमिक शिक्षा से सीधा संबंध नहीं था, संगठन ने एक सकारात्मक सोच के साथ कदम बढ़ाया है। लेकिन यदि सरकार की ओर से कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर इसका कड़ा विरोध किया जाएगा और आगामी समय में कड़े कदम उठाए जाएंगे, जिसके परिणाम आने वाले समय में देखने को मिलेंगे।

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