डिजिटल अरेस्ट से लेकर म्यूल अकाउंट तक, मत्तेवाड़ा में RBI ने दिए साइबर सुरक्षा के मंत्र
लुधियाना: RBI के ई-बात प्रोग्राम के तहत मत्तेवाड़ा गांव में लोगों को साइबर और डिजिटल फाइनेंशियल फ्रॉड से सावधान करने के मकसद से एक अवेयरनेस कैंप लगाया गया। इसमें 100 से ज़्यादा गांववालों ने हिस्सा लिया। प्रोग्राम के दौरान, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के रिप्रेजेंटेटिव अरुण जिंदल और मनीष कुमार ने लोगों को ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड, सोशल मीडिया स्कैम और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर क्राइम से बचने के तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि साइबर ठग अक्सर पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डराने की कोशिश करते हैं और उनसे पैसे या बैंकिंग जानकारी निकालने की कोशिश करते हैं।
लोगों को म्यूल अकाउंट के खतरों के बारे में भी अवेयर किया गया। उनसे अपील की गई कि वे कमीशन के बदले किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक अकाउंट से पैसे का ट्रांजैक्शन न करने दें, क्योंकि अगर ऐसे अकाउंट का इस्तेमाल फ्रॉड के लिए किया जाता है, तो अकाउंट होल्डर को फाइनेंशियल और लीगल दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
इसके अलावा, बैंक डिपॉजिट की सिक्योरिटी, डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षित इस्तेमाल और संदिग्ध लिंक से बचने के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने साफ किया कि OTP, PIN, CVV, पासवर्ड या दूसरी कॉन्फिडेंशियल बैंकिंग जानकारी किसी के साथ शेयर न करें। साइबर फ्रॉड होने पर लोगों को तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराने और RBI से जुड़ी शिकायतों के लिए इसके कंप्लेंट सिस्टम का इस्तेमाल करने के बारे में भी बताया गया।
इस मौके पर LDM लुधियाना गुरदीप सिंह कंग ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के दौर में हर नागरिक का जागरूक और सतर्क रहना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर फ्रॉड के खिलाफ बचाव की पहली लाइन है।
प्रोग्राम के दौरान एक सवाल-जवाब सेशन भी रखा गया, जिसमें गांव वालो ने साइबर फ्रॉड से जुड़े अपने सवाल पूछे। आखिर में हिस्सा लेने वालों को इनाम भी बांटे गए। प्रोग्राम का मैसेज था -“जागरूक रहें, सुरक्षित रहें, अपना OTP या गोपनीय बैंकिंग डिटेल्स किसी के साथ शेयर न करें और दूसरों को अपना बैंक अकाउंट इस्तेमाल न करने दें।”