लुधियाना सिविल अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए विशेष इंतजाम, एसडीपी ब्लड सेल की भी सुविधा
लुधियाना सिविल अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए विशेष इंतजाम, एसडीपी ब्लड सेल की भी सुविधा
लुधियाना: बरसात के मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लुधियाना में भी इनसे जुड़े मामले सामने आने लगे हैं। स्थिति को देखते हुए सरकारी सिविल अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। अस्पताल प्रशासन ने डेंगू वार्ड के साथ आईसीयू और एसडीपी ब्लड सेल की सुविधा का भी प्रबंध किया है।
डेंगू मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार
लुधियाना सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. रोहित रामपाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत अस्पताल में डेंगू से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए विशेष वार्ड बनाया गया है, जबकि गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू की सुविधा भी उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को इलाज की सुविधा मुफ्त दी जा रही है। वहीं, निजी अस्पतालों से आने वाले मरीजों के लिए एसडीपी ब्लड सेल की सुविधा न्यूनतम सरकारी शुल्क पर उपलब्ध कराने का प्रबंध किया गया है।
घरों के बाहर रखे पानी के बर्तनों पर दें खास ध्यान
डॉ. रोहित रामपाल ने बताया कि हाल के दिनों में सामने आ रहे कई मामलों में घरों के बाहर पशु-पक्षियों के लिए रखे पानी के बर्तनों में डेंगू का लार्वा मिलने की बात सामने आई है। लंबे समय तक एक ही जगह पानी जमा रहने से मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि जिस तरह वे अपने घर और आसपास का वातावरण साफ रखते हैं, उसी तरह पशु-पक्षियों के लिए बाहर रखे पानी के बर्तनों की भी रोजाना सफाई करें।
जमा पानी को तुरंत हटाने की अपील
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को सलाह दी जा रही है कि घरों और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, बाल्टियों, पानी के बर्तनों और अन्य कंटेनरों को नियमित रूप से साफ करते रहें। थोड़ी सी सावधानी बरतकर डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के प्रजनन को काफी हद तक रोका जा सकता है।
अस्पताल में इलाज की तैयारियां पूरी
सिविल अस्पताल प्रशासन के अनुसार डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखी गई हैं। मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ लोगों को मच्छरों से बचाव और आसपास सफाई बनाए रखने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।