जवाहर नवोदय विद्यालय धनानसू में दो दिवसीय क्लस्टर स्तरीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित
जवाहर नवोदय विद्यालय धनानसू में दो दिवसीय क्लस्टर स्तरीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित
लुधियाना: पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, धनानसू में दो दिवसीय क्लस्टर स्तरीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। पंजाब-II क्लस्टर के अंतर्गत आने वाले 12 स्कूलों के विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने वैज्ञानिक मॉडल, प्रोजेक्ट तथा नए विचार प्रस्तुत किए।
छह थीम पर विद्यार्थियों ने दिखाए वैज्ञानिक मॉडल
प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों ने छह अलग-अलग थीम के तहत अपने मॉडल और प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए। इन मॉडलों के माध्यम से विद्यार्थियों ने विज्ञान को रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ते हुए विभिन्न समस्याओं के रचनात्मक और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए।
विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में उनकी वैज्ञानिक सोच और नई तकनीकों के प्रति रुचि देखने को मिली।
विशेष सेमिनार में साझा किए वैज्ञानिक विचार
कार्यक्रम के दौरान एक विशेष सेमिनार का भी आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने अपने वैज्ञानिक विचारों और नवीन अवधारणाओं को सभी के साथ साझा किया।
इस गतिविधि से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, संचार कौशल, आत्मविश्वास और शोध की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिला। विद्यार्थियों को अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर भी मिला।
जजों ने तय मानकों पर किया मूल्यांकन
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों के मॉडल और प्रोजेक्ट का मूल्यांकन जजों की ओर से निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया गया। प्रत्येक थीम में से एक विजेता का चयन किया गया।
विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों का उत्साह भी देखने को मिला।
प्रिंसिपल ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह
विद्यालय की प्रिंसिपल निशी गोयल ने विद्यार्थियों को विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रदर्शनी में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों, एस्कॉर्ट शिक्षकों, जजों और आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना की।
विद्यार्थियों के लिए बना सीखने और प्रतिभा दिखाने का मंच
दो दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए सीखने, प्रयोग करने, नए विचार साझा करने और अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुई। आयोजन ने विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच के साथ विज्ञान को व्यावहारिक जीवन से जोड़ने का अवसर प्रदान किया।