समराला में मियावाकी तकनीक का इस्तेमाल करके देशी पेड़ लगाने का चलाया गया अभियान

📍 स्थान / Location: Ludhiana 🗂️ विषय / Category: पंजाब / Punjab 📹 Environment 📅 August 25, 2026

समराला: “देशी पेड़ लगाएं, प्रकृति बचाएं—हराभरा पंजाब, स्वस्थ भविष्य” के संदेश के तहत समराला में मियावाकी तकनीक पर आधारित पौधरोपण अभियान चलाया गया। यह पहल जिला प्रशासन, सोच एनजीओ और वीरवनम फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से आयोजित की गई।

एसडीएम गुरसिमरणजीत कौर ने की अभियान की अगुवाई

अभियान का नेतृत्व एसडीएम समराला गुरसिमरणजीत कौर ने किया। इस अवसर पर प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर पवनीत सिंह और सोच एनजीओ के निदेशक डॉ. बलविंदर लेखी भी मौजूद रहे।

एसडीएम गुरसिमरणजीत कौर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने और क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक देशी पेड़-पौधे लगाना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।

विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने लिया सक्रिय हिस्सा

पीएम श्री सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, समराला की 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों तथा स्वयंसेवकों ने अभियान में सक्रिय भागीदारी की। प्रतिभागियों ने मियावाकी मॉडल के तहत विभिन्न देशी पौधों का रोपण किया।

मियावाकी तकनीक से तेजी से विकसित होते हैं पौधे

आयोजकों के अनुसार, मियावाकी तकनीक में पौधों को अपेक्षाकृत घने तरीके से लगाया जाता है, जिससे वे तेजी से विकसित होते हैं और समय के साथ कम देखभाल की आवश्यकता पड़ती है। यह तकनीक स्थानीय जैव-विविधता को पुनर्जीवित करने और हरित क्षेत्रों के विकास में भी सहायक मानी जाती है।

हरित पट्टियों के विस्तार पर जोर

जिला प्रशासन ने समराला सब-डिवीजन में आने वाले समय में ऐसी और पर्यावरण-अनुकूल हरित पट्टियां विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रशासन का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को मजबूत करना है।

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