भुंतर ब्लॉक की चार पंचायतों में दिव्यांगजनों के लिए शिविर, 155 लोगों ने कराया पंजीकरण

📍 स्थान / Location: कुल्लू 🗂️ विषय / Category: हिमाचल / Himachal 📹 Bhuntar News 📅 August 21, 2026 🌐 GPS: Kullu

कुल्लू: दिव्यांगजनों को उनके घर के नजदीक जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से भुंतर ब्लॉक की चार ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित किए गए। जिला रेडक्रॉस कुल्लू के माध्यम से संचालित जिला दिव्यांगता पुनर्वास केंद्र की ओर से आयोजित इन शिविरों में बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों ने हिस्सा लिया।

सहायक आयुक्त डॉ. जयवंती ठाकुर के अनुसार 13, 14, 19 और 20 अगस्त 2026 को भरेंण, रतोचा, चौंग और पुंथल पंचायतों में लगाए गए शिविरों में कुल 155 लोगों ने पंजीकरण करवाया। इनमें से 104 दिव्यांगजन शिविरों में पहुंचे और विभिन्न सेवाओं का लाभ लिया।

मौके पर हुआ मेडिकल आकलन

शिविर के दौरान नौ लोगों का मौके पर ही चिकित्सकीय मूल्यांकन किया गया। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक व्यक्ति को व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए चिन्हित किया गया, जबकि मानसिक दिव्यांगता वाले एक व्यक्ति के लिए लीगल गार्जियनशिप की प्रक्रिया हेतु पहचान की गई। इसके अलावा स्कूल जाने वाले एक बच्चे के लिए छात्रवृत्ति का मामला भी शिविर में तैयार किया गया, ताकि उसे शिक्षा से जुड़ी सरकारी सुविधा का लाभ मिल सके।

सहायक उपकरणों के लिए तैयार किए दस्तावेज

शिविर में दिव्यांगजनों और बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार किए गए। इस दौरान 24 लोगों की ऑडियोमेट्री जांच की गई। जांच के आधार पर 19 वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को श्रवण यंत्र, 27 लोगों को वॉकिंग स्टिक और तीन दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर उपलब्ध करवाने की स्वीकृति दी गई।

योजनाओं की दी जानकारी

शिविर में पहुंचे दिव्यांगजनों और उनके परिजनों को केंद्र व राज्य सरकार की ओर से संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने दिव्यांगता की समय रहते पहचान, रोकथाम और पुनर्वास के विभिन्न उपायों के बारे में लोगों को जागरूक किया।

सहायक आयुक्त डॉ. जयवंती ठाकुर ने कहा कि ऐसे शिविरों का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों तक सेवाएं पहुंचाना और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इससे दिव्यांगजन अधिक आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

शिविरों के आयोजन में जिला दिव्यांगता पुनर्वास केंद्र कुल्लू के कर्मचारियों के साथ संबंधित पंचायतों के प्रधान, सचिव, पंचायत सदस्य, आशा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सहयोग दिया।

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