पराली प्रबंधन को लेकर किसानों को जागरूक करने के लिए आईईसी गतिविधियों की बड़ी शुरुआत
पराली प्रबंधन को लेकर किसानों को जागरूक करने के लिए आईईसी गतिविधियों की बड़ी शुरुआत
पंजाब डेस्क: तरनतारन जिले में धान की कटाई शुरू होने के साथ ही पराली प्रबंधन को लेकर किसानों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। पंजाब सरकार के निर्देशों के तहत सितंबर के पहले दस दिनों के दौरान जिले के प्रत्येक गांव में जागरूकता कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. तेजबीर सिंह भंगू ने बताया कि जिले के कुछ गांवों में धान की कटाई शुरू हो चुकी है और आने वाले दिनों में पूरे जिले में कटाई का काम तेज होने की संभावना है। ऐसे में किसानों को पराली न जलाने और इसके उचित प्रबंधन के लिए समय रहते जागरूक किया जा रहा है।
पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध
डॉ. भंगू ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM), नई दिल्ली द्वारा धान की पराली को आग लगाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
इसी के मद्देनजर पंजाब सरकार ने किसानों को पराली जलाने से रोकने और इसके वैज्ञानिक प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
2026 के लिए तैयार किया गया विशेष प्लान
डिप्टी कमिश्नर तरनतारन श्री राहुल के दिशा-निर्देशों के अनुसार वर्ष 2026 के लिए पराली प्रबंधन का विस्तृत प्लान तैयार किया गया है। इस योजना के तहत विभिन्न गांवों में जागरूकता कैंप शुरू कर दिए गए हैं।
इन कैंपों में किसानों को पराली प्रबंधन की आधुनिक और तकनीकी विधियों की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय पर्यावरण अनुकूल तरीकों से उनका निपटारा कर सकें।
नाटक, प्रतियोगिताओं और दीवार चित्रों से फैलेगा संदेश
किसानों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने के लिए विभिन्न प्रकार की आईईसी (Information, Education and Communication) गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इनमें ब्लॉक स्तर के जागरूकता कैंप, आशा वर्करों के कैंप, स्कूली बच्चों की प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक और दीवार चित्रकारी शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार इन गतिविधियों का उद्देश्य पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
सरपंचों और नंबरदारों की भी होगी भागीदारी
जागरूकता कैंपों में गांवों के सरपंचों और नंबरदारों को भी शामिल किया जा रहा है। इस दौरान किसानों को पराली नहीं जलाने की शपथ दिलाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि पंचायत स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाकर पराली प्रबंधन अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा।
खडूर साहिब ब्लॉक पर विशेष फोकस
मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि खडूर साहिब ब्लॉक में धान की कटाई सबसे पहले शुरू होती है, इसलिए इस क्षेत्र में जागरूकता गतिविधियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
इसी सिलसिले में खडूर साहिब ब्लॉक के कृषि अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। अधिकारियों को अधिक से अधिक आईईसी गतिविधियां आयोजित कर किसानों को पराली प्रबंधन और पराली न जलाने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे पर्यावरण की सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ भविष्य के लिए पराली को आग न लगाएं तथा उपलब्ध वैज्ञानिक एवं आधुनिक प्रबंधन तकनीकों का इस्तेमाल करें।