सराज में दिव्यांग बच्चों के साथ मारपीट पर बवाल, जनवादी महिला समिति ने की निष्पक्ष जांच की मांग

📍 स्थान / Location: कुल्लू 🗂️ विषय / Category: हिमाचल / Himachal 📹 AIDWA Protest 📅 July 22, 2026 🌐 GPS: Kullu

हिमाचल प्रदेश: सराज इलाके में दो दिव्यांग बच्चों के साथ कथित रूप से हुई अमानवीय घटना को लेकर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (AIDWA) की कुल्लू जिला कमेटी ने कड़ा विरोध जताया है। समिति ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान घटना का आरोप

समिति के अनुसार, सराज क्षेत्र में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने गए दो दिव्यांग बच्चों के साथ कथित तौर पर कुछ युवकों ने मारपीट की। आरोप है कि बच्चों को पूरी रात बंधक बनाकर उनके साथ हिंसा की गई। घटना में एक बच्चे की आंख को गंभीर नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है, जिसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया।

मानवता और सामाजिक न्याय पर हमला बताया

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने कहा कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो यह घटना केवल दो बच्चों के साथ हिंसा का मामला नहीं होगी, बल्कि यह मानवता, कानून और सामाजिक न्याय के मूल्यों पर गंभीर चोट होगी। समिति ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत बताई।

निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग

समिति ने प्रशासन से पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि जांच किसी भी दबाव से प्रभावित नहीं होनी चाहिए और सभी तथ्यों को सामने लाकर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

नाबालिग आरोपियों पर कानून के तहत कार्रवाई की मांग

समिति के मुताबिक, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि कथित आरोपी भी नाबालिग हो सकते हैं। ऐसे में यदि जांच के दौरान आरोप साबित होते हैं तो उनके खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाने की अपील

महिला समिति ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के खिलाफ हिंसा के मामलों में प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। पीड़ित बच्चों को उचित चिकित्सा सहायता, सुरक्षा और न्याय उपलब्ध कराना जरूरी है।

सरकार और प्रशासन से उठाए प्रभावी कदम

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से अपील की है कि मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाए। संगठन ने कहा कि दोषियों पर उचित कार्रवाई के साथ-साथ ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में बच्चों, खासकर दिव्यांग बच्चों, के साथ इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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