अमृतसर में नशे के खिलाफ अभियान को और मिलेगी रफ्तार, मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने अधिकारियों व स्वयंसेवकों संग की बैठक

📍 स्थान / Location: Amritsar 🗂️ विषय / Category: पंजाब / Punjab 📅 September 1, 2026 🌐 GPS: Amritsar

अमृतसर: नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को जमीनी स्तर पर और मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण मंत्री स. हरभजन सिंह ईटीओ द्वारा ‘पिंडां दा हाल, मुख्यमंत्री दे नाल’ कार्यक्रम के तहत बीती शाम सरकारी मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में नशा मुक्ति मोर्चा के स्वयंसेवकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विशेष बैठक की गई।

बैठक में डिप्टी कमिश्नर अमृतसर स. दलविंदरजीत सिंह, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) श्रीमती पलवी मिश्रा, डी.सी.पी. स. जसकरनजीत सिंह तेजा, एस.एस.पी. ग्रामीण स. कंवलप्रीत सिंह चहल, नशा मुक्ति मोर्चा माझा जोन के प्रभारी स. दीक्षित धवन, एस.डी.एम. अमृतसर-1 श्रीमती अलका कालिया, एस.डी.एम. अमृतसर-2 स. गुरमंदर सिंह, एस.डी.एम. अजनाला श्रीमती चारूमिता, एस.डी.एम. मजीठा स. रजनीश अरोड़ा, ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के जिला प्रभारी हनी नाहर, जिला उप-प्रभारी रणजीत सिंह, सभी कोऑर्डिनेटर तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान नशे के खिलाफ जमीनी स्तर पर की जा रही गतिविधियों, विभिन्न क्षेत्रों में सामने आ रही समस्याओं, लोगों से प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों तथा नशे की रोकथाम के लिए प्रशासन, पुलिस और नशा मुक्ति मोर्चा के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने संबंधी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर से प्राप्त फीडबैक के आधार पर समस्याओं की पहचान करना, उनके समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना तथा स्पष्ट एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करना रहा।

इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री स. हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण पंजाब सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है और ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान को और अधिक प्रभावी एवं सफल बनाने के लिए इसे और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति मोर्चा के स्वयंसेवक विलेज डिफेंस कमेटियों और वार्ड डिफेंस कमेटियों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं तथा उनसे प्राप्त फीडबैक के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

स. ईटीओ ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है और नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ नशे की लत में फंसे युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालकर समाज की मुख्यधारा में लाना भी सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशे की लत में फंसे युवाओं की पहचान कर उन्हें प्रेरित किया जाए और उपचार के लिए सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि इन युवाओं का उचित उपचार करवाने के साथ-साथ उनके पुनर्वास और उन्हें दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए भी आवश्यक प्रयास किए जाएं।

बैठक के दौरान नशे के खिलाफ अभियान को और मजबूत करने के लिए प्रशासन एवं पुलिस द्वारा आवश्यक सहयोग तथा प्रभावी आपसी समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा गांवों एवं वार्डों के स्तर पर प्राप्त होने वाली शिकायतों एवं सुझावों को संबंधित विभागों तक तुरंत पहुंचाकर उनके समाधान के लिए उचित कार्रवाई करने संबंधी भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर स. दलविंदरजीत सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों, विलेज एवं वार्ड डिफेंस कमेटियों, कोऑर्डिनेटरों तथा नशा मुक्ति मोर्चा के प्रतिनिधियों को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर से प्राप्त फीडबैक के आधार पर आवश्यक कार्रवाई को और तेज किया जाएगा।

इस अवसर पर नशा मुक्ति मोर्चा माझा जोन के प्रभारी स. दीक्षित धवन ने कहा कि नशा मुक्ति मोर्चा के स्वयंसेवक नशे की रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मोर्चा के स्वयंसेवक विलेज एवं वार्ड डिफेंस कमेटियों के साथ लगातार संपर्क में रहकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने नशे की रोकथाम तथा लोगों को नशे से दूर रखने के लिए मोर्चा द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

बैठक के अंत में नशे के खिलाफ अभियान को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने, प्राप्त फीडबैक पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा प्रशासन, पुलिस एवं नशा मुक्ति मोर्चा के बीच समन्वय को और प्रभावी बनाने के लिए आगामी कार्रवाई संबंधी भी विचार-विमर्श किया गया।

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