अमृतसर: अजनाला हलके में 8 खेल स्टेडियमों का उद्घाटन, युवाओं को गांवों में मिलेंगी आधुनिक खेल सुविधाएं
अमृतसर: पंजाब सरकार द्वारा युवाओं को खेलों से जोड़ने और गांव स्तर पर खेलों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध करवाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी के तहत आज विधानसभा हलका अजनाला में तैयार किए गए करीब 8 खेल स्टेडियमों का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा गुज्जरपुरा और बलड़वाल गांवों में डिस्पेंसरी के निर्माण के लिए नींव पत्थर भी रखे गए। प्रत्येक डिस्पेंसरी पर लगभग 55 लाख रुपये की लागत आएगी और इनका निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक अजनाला स. कुलदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान द्वारा अजनाला हलके के लिए कुल 36 खेल स्टेडियम मंजूर किए गए थे, जिनमें से करीब 30 स्टेडियम पूरे हो चुके हैं। बाकी स्टेडियमों का काम भी चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज का दिन हलके के युवाओं और विशेष रूप से गांवों के खिलाड़ियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन स्टेडियमों के माध्यम से उन्हें अपने गांवों में ही आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि आज गांव सेंसर कलां में 38.41 लाख रुपये, गांव झंडेर में 35.12 लाख रुपये, गांव खतराए कलां में 25.58 लाख रुपये, गांव कामलपुरा में 34.87 लाख रुपये, गांव चमियारी में 43.43 लाख रुपये, गांव धारीवाल कलेर में 40.14 लाख रुपये, गांव गुज्जरपुरा में 33.83 लाख रुपये और गांव तलवंडी नाहर में 41.44 लाख रुपये की लागत से खेल स्टेडियम बनकर तैयार हुए हैं।
उन्होंने कहा कि गांवों में लंबे समय से यह मांग रही है कि बच्चों और युवाओं के लिए बेहतर खेल मैदान उपलब्ध करवाए जाएं। पंजाब सरकार द्वारा इस मांग को पूरा करने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन खेल स्टेडियमों का निर्माण केवल बुनियादी ढांचा विकसित करना ही नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी को खेलों से जोड़कर उन्हें नशे से दूर रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा प्रदेश के गांवों में 3100 से अधिक खेल मैदान विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 255 खेल मैदानों का उद्घाटन किया जा चुका है, जबकि आज 500 और खेल मैदान प्रदेश के लोगों को समर्पित किए जा रहे हैं।
आज समर्पित किए जा रहे 500 खेल मैदानों में लुधियाना के 43, मानसा के 41, संगरूर के 36, बठिंडा और पटियाला के 34-34, श्री मुक्तसर साहिब के 33 और अमृतसर के 32 खेल मैदान शामिल हैं। बाकी बचे खेल मैदानों को भी चरणबद्ध तरीके से आम लोगों को समर्पित किया जाएगा।
स. धालीवाल ने कहा कि इन खेल मैदानों को खिलाड़ियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए घास लगाने के साथ-साथ आवश्यक सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया जा रहा है। इनमें चेन-लिंक फेंसिंग, रात के समय खेल गतिविधियों के लिए हाई-मास्ट लाइटें, ग्राउंड की सिंचाई के लिए बोरवेल और सबमर्सिबल पंप सिस्टम, वॉलीबॉल कोर्ट के साथ फ्लड लाइटें, कंक्रीट बेंच, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा खेल मैदानों के आसपास हरियाली को बढ़ावा देने के लिए पेड़ भी लगाए जा रहे हैं। इन खेल मैदानों में विभिन्न खेलों के लिए आवश्यक खेल उपकरण भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, ताकि गांवों के युवाओं को अपने गांव में ही बेहतर खेल सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान चलाया जा रहा है और इस अभियान की सफलता के लिए युवाओं को खेलों से जोड़ना बेहद जरूरी है। खेल युवाओं में अनुशासन, स्वस्थ जीवनशैली और सकारात्मक सोच पैदा करते हैं। इसलिए गांवों में खेल मैदानों और स्टेडियमों का विकास नशों के खिलाफ लड़ाई का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा गांव-गांव खेल सुविधाएं विकसित करने के लिए किए जा रहे ये प्रयास पंजाब के युवाओं के लिए एक बड़ी सौगात हैं। इन खेल मैदानों से गांवों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने तथा राज्य और देश स्तर पर नाम रोशन करने के नए अवसर मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा इन खेल मैदानों के निर्माण और विकास के लिए लगभग 1,500 करोड़ रुपये का बजट आरक्षित रखा गया है। इस राशि में सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्राउंड और पंचायतों से संबंधित कार्यों के साथ-साथ खेल उपकरणों की व्यवस्था भी शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल खेल मैदान बनाना नहीं, बल्कि ऐसा खेल वातावरण तैयार करना है, जहां गांवों के बच्चे और युवा अपनी खेल प्रतिभा को निखार सकें और एक स्वस्थ एवं नशा-मुक्त पंजाब के निर्माण में अपना योगदान दे सकें।