93 साल की उम्र में निधन के बाद नम आंखों से दी विदाई, पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर दी अंतिम सलामी
पूर्व कैबिनेट मंत्री और जालंधर वेस्ट की राजनीति के प्रमुख चेहरों में रहे भगत चुन्नी लाल का गुरुवार को बस्ती शेख श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। 93 वर्षीय भगत चुन्नी लाल के निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। फूलों से सजी गाड़ी में उनके पार्थिव शरीर को श्मशान घाट ले जाया गया, जहां परिवार ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान पुलिस की ओर से उन्हें राजकीय सम्मान के तहत गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी गई।
अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता, जनप्रतिनिधि और सामाजिक लोग पहुंचे। मेयर विनीत धीर, पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोरंजन कालिया, शीतल अंगुराल, नीतिन कोहली सहित कई नेता मौजूद रहे। पंजाब सरकार ने उनके निधन पर शोक स्वरूप सरकारी दफ्तरों में आधे दिन की छुट्टी का ऐलान भी किया।
भगत चुन्नी लाल ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1985 में जालंधर दक्षिण सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर की थी। 1997 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद 2007 और 2012 में भी विधायक चुने गए। 2012 से 2017 तक वह प्रकाश सिंह बादल सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और स्थानीय निकाय, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, श्रम तथा वन एवं वन्यजीव जैसे विभाग संभाले।
2011 में उन्हें पंजाब विधानसभा का डिप्टी स्पीकर भी चुना गया था। 2017 में उन्होंने चुनावी राजनीति से संन्यास ले लिया। उनका जन्म 1 दिसंबर 1932 को सियालकोट में हुआ था और विभाजन के बाद उनका परिवार जालंधर आकर बस गया था।