133 ईको टास्क फोर्स ने किंडर तालाब के पुनरुद्धार के साथ मनाई 90 हेक्टेयर वृक्षारोपण कार्य की सफल पूर्णता
133 ईको टास्क फोर्स ने किंडर तालाब के पुनरुद्धार के साथ मनाई 90 हेक्टेयर वृक्षारोपण कार्य की सफल पूर्णता
किंडर, जिला मण्डी, 26 अगस्त 2026: ए कंपनी, 133 इकोलॉजिकल टास्क फोर्स (टीए) डोगरा ने किंडर क्षेत्र में 90 हेक्टेयर दुर्गम, बंजर एवं पारिस्थितिक रूप से चुनौतीपूर्ण भू-भाग पर वृक्षारोपण कार्य की सफल पूर्णता को चिह्नित करते हुए “किंडर तालाब का पुनरुद्धार – अमृत सरोवर पुनर्जीवन” के रूप में एक स्मरणीय सामुदायिक पहल का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम का आयोजन चुनौतीपूर्ण भू-भाग में वृक्षारोपण कार्य की सफल पूर्णता का उत्सव मनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति “भागीदारी और जिम्मेदारी” की भावना को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया।
इस स्मरणीय सामुदायिक गतिविधि के अंतर्गत ए कंपनी, 133 ईको टास्क फोर्स के जवानों ने वन विभाग के प्रतिनिधियों, ग्राम पंचायत किंडर के प्रधान एवं पंचायत सदस्यों तथा स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर किंडर तालाब के पुनरुद्धार एवं स्वच्छता का कार्य किया। इस सामूहिक प्रयास के माध्यम से जल स्रोत एवं उसके आसपास के क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में जनभागीदारी के महत्व का संदेश दिया गया।
यह कार्यक्रम ईको वॉरियर्स द्वारा निरंतर किए गए उन प्रयासों की सफल परिणति का भी प्रतीक बना, जिनके माध्यम से 90 हेक्टेयर पर्यावरणीय रूप से प्रभावित एवं वृक्षारोपण की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण भू-भाग को उभरते हरित क्षेत्र में परिवर्तित किया गया। ग्राम पंचायत प्रधान एवं स्थानीय ग्रामीणों ने क्षेत्र में वनीकरण, पारिस्थितिक पुनर्स्थापन एवं सामुदायिक पर्यावरण संरक्षण के प्रति 133 ईको टास्क फोर्स के समर्पित योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम का समापन जवानों, वन विभाग के प्रतिनिधियों, पंचायत सदस्यों एवं स्थानीय ग्रामीणों के बीच संवाद के साथ हुआ, जिसके उपरांत ए कंपनी, 133 टीए (ईको) डोगरा द्वारा सामूहिक भोज का आयोजन किया गया।
90 हेक्टेयर वृक्षारोपण कार्य की सफल पूर्णता तथा इसके उपलक्ष्य में किंडर तालाब का पुनरुद्धार, पर्यावरणीय रूप से प्रभावित भू-भाग के पुनर्स्थापन, जनभागीदारी को सुदृढ़ करने तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्थायी हरित विरासत के निर्माण के प्रति 133 ईको टास्क फोर्स की प्रतिबद्धता को दर्शाता है — “आज के ईको वॉरियर्स, कल की हरित विरासत।”