हिंदी ज्ञान, विज्ञान, संस्कृति एवं राष्ट्रीय एकता की सशक्त भाषा बनने की पूर्ण क्षमता रखती है : प्रो. देवेंद्र शर्मा
हिंदी ज्ञान, विज्ञान, संस्कृति एवं राष्ट्रीय एकता की सशक्त भाषा बनने की पूर्ण क्षमता रखती है : प्रो. देवेंद्र शर्मा
हिंदी ज्ञान, विज्ञान, संस्कृति एवं राष्ट्रीय एकता की सशक्त भाषा बनने की पूर्ण क्षमता रखती है : प्रो. देवेंद्र शर्मा
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के हिंदी विभाग द्वारा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय, शिमला के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित हिंदी दिवस समारोह-2026 के द्वितीय दिवस का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस वर्ष समारोह का विषय “हिंदी : ज्ञान-विज्ञान, सांस्कृतिक संवाद एवं राष्ट्रीय एकता की भाषा” रखा गया है।
कार्यक्रम में एपीजी विश्वविद्यालय, शिमला के कुलपति प्रो. देवेंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन एवं कुलगीत के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अपने संबोधन में प्रो. शर्मा ने हिंदी के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सभी भाषाओं का अपना विशिष्ट महत्त्व है, किंतु अपनी मातृभाषा को भी समान सम्मान देना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम, सकारात्मक सोच और भारतीय ज्ञान-परंपरा के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. भवानी सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी आज अभिव्यक्ति के साथ-साथ ज्ञान, विज्ञान, शोध, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की सशक्त भाषा बनने की पूर्ण क्षमता रखती है।
द्वितीय सत्र में कविता पाठ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 40 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. हिमांशु परमार (अंग्रेजी विभाग) एवं डॉ. दीप लता (संस्कृत विभाग) रहे। प्रतिभागियों ने राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सरोकारों एवं समसामयिक विषयों पर विविध भावों से ओतप्रोत कविताओं का प्रभावशाली वाचन किया।
कार्यक्रम को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने में कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नरेश कुमार, डॉ. सुनीता ठाकुर एवं डॉ. शोभा रानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ हिंदी दिवस समारोह-2026 के द्वितीय दिवस का सफल समापन हुआ।
मीहिंदी ज्ञान, विज्ञान, संस्कृति एवं राष्ट्रीय एकता की सशक्त भाषा बनने की पूर्ण क्षमता रखती है : प्रो. देवेंद्र शर्मा
शिमला, 11 सितंबर 2026। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के हिंदी विभाग द्वारा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय, शिमला के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित हिंदी दिवस समारोह-2026 के द्वितीय दिवस का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस वर्ष समारोह का विषय “हिंदी : ज्ञान-विज्ञान, सांस्कृतिक संवाद एवं राष्ट्रीय एकता की भाषा” रखा गया है।
कार्यक्रम में एपीजी विश्वविद्यालय, शिमला के कुलपति प्रो. देवेंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन एवं कुलगीत के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में प्रो. शर्मा ने हिंदी के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सभी भाषाओं का अपना विशिष्ट महत्त्व है, किंतु अपनी मातृभाषा को भी समान सम्मान देना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम, सकारात्मक सोच और भारतीय ज्ञान-परंपरा के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. भवानी सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी आज अभिव्यक्ति के साथ-साथ ज्ञान, विज्ञान, शोध, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की सशक्त भाषा बनने की पूर्ण क्षमता रखती है।
द्वितीय सत्र में कविता पाठ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 40 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. हिमांशु परमार (अंग्रेजी विभाग) एवं डॉ. दीप लता (संस्कृत विभाग) रहे। प्रतिभागियों ने राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सरोकारों एवं समसामयिक विषयों पर विविध भावों से ओतप्रोत कविताओं का प्रभावशाली वाचन किया।
कार्यक्रम को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने में कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नरेश कुमार, डॉ. सुनीता ठाकुर एवं डॉ. शोभा रानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ हिंदी दिवस समारोह-2026 के द्वितीय दिवस का सफल समापन हुआ।