स्कूल-कॉलेजों के आसपास धड़ल्ले से बिक रहे एनर्जी ड्रिंक, पाबंदी के बावजूद नहीं थम रहा कारोबार।
शहर में स्कूल-कॉलेजों के आसपास एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर पाबंदी के बावजूद इनकी बिक्री धड़ल्ले से जारी है। प्रशासन की ओर
स्कूल-कॉलेजों के आसपास धड़ल्ले से बिक रहे एनर्जी ड्रिंक, पाबंदी के बावजूद नहीं थम रहा कारोबार।
डिप्टी कमिश्नर के आदेशों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां, युवाओं के साथ अब बच्चे भी हो रहे एनर्जी ड्रिंक के आदी।
मोगा 28 अगस्त शहर में स्कूल-कॉलेजों के आसपास एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर पाबंदी के बावजूद इनकी बिक्री धड़ल्ले से जारी है। प्रशासन की ओर से शैक्षणिक संस्थानों के नजदीक एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद कई दुकानों और छोटे विक्रेताओं की ओर से बेखौफ होकर इनकी बिक्री की जा रही है। हालात यह हैं कि एनर्जी ड्रिंक अब केवल युवाओं तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि स्कूली बच्चे भी इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं।
स्कूलों और कॉलेजों के आसपास स्थित दुकानों पर रंग-बिरंगे पैकेट और कैन में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के एनर्जी ड्रिंक युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। कई विद्यार्थी स्कूल या कॉलेज जाते समय तथा छुट्टी के बाद इनका सेवन करते दिखाई देते हैं। युवाओं में एनर्जी ड्रिंक को लेकर बढ़ता क्रेज अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी चिंता का विषय बनता जा रहा है।
नियमों की अनदेखी से बढ़ रही बिक्री
प्रशासन की ओर से शैक्षणिक संस्थानों के आसपास एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर पाबंदी लगाए जाने का उद्देश्य बच्चों और किशोरों को इनके अत्यधिक सेवन से दूर रखना है। इसके बावजूद यदि दुकानदार नियमों की अनदेखी कर ऐसे उत्पाद बेच रहे हैं तो संबंधित विभागों की कार्रवाई पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर स्कूलों के आसपास ही ऐसी दुकानें हैं, जहां विद्यार्थियों को आसानी से एनर्जी ड्रिंक उपलब्ध हो जाता है।
बच्चों में बढ़ता आकर्षण चिंता का विषय
अभिभावकों का कहना है कि एनर्जी ड्रिंक के आकर्षक पैकेज और प्रचार के कारण बच्चे भी इनकी तरफ तेजी से खिंच रहे हैं। कई बच्चे अपने दोस्तों को देखकर इसका सेवन शुरू कर देते हैं। उनका मानना है कि प्रशासन को केवल आदेश जारी करने तक सीमित न रहकर स्कूल-कॉलेजों के आसपास नियमित जांच अभियान चलाना चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई होने से ही पाबंदी प्रभावी ढंग से लागू हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग को भी करनी चाहिए जांच
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि स्कूल-कॉलेजों के आसपास स्थित दुकानों की जांच की जाए और प्रतिबंधित स्थानों पर एनर्जी ड्रिंक बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही विद्यार्थियों को भी एनर्जी ड्रिंक के अत्यधिक सेवन से होने वाले संभावित नुकसान के बारे में जागरूक करने के लिए स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। लोगों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मामले में प्रशासन को सख्ती बरतते हुए नियमों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।