सांसद औजला के रिश्तेदार के घर पर ग्रेनेड हमला, सरकार पर उठाए सवाल
सांसद औजला के रिश्तेदार के घर पर ग्रेनेड हमला, सरकार पर उठाए सवाल
सांसद औजला के रिश्तेदार के घर पर ग्रेनेड हमला, सरकार पर उठाए सवाल
अमृतसर। रमदास तहसील के गांव जट्टा पशियां में बीती रात एक परिवार के घर पर दो ग्रेनेड फेंककर किए गए हमले की सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कड़ी निंदा की है। हमले में परिवार के सदस्य घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि पीड़ित परिवार उनके रिश्तेदारों में से है और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ा हुआ है। इस परिवार के साथ उनके निजी और पारिवारिक संबंध भी हैं। इसलिए इस दुख की घड़ी में वह परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।
औजला ने कहा कि इस घटना को केवल एक परिवार पर हुआ हमला मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह सीमावर्ती इलाकों में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और गैंगस्टरवाद की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के लोग पहले ही पाकिस्तान की ओर से पैदा होने वाली चुनौतियों, बाढ़ और अन्य मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। अब गैंगस्टरवाद और फिरौतीखोरी ने लोगों में भय पैदा कर दिया है।
औजला ने क्षेत्र के विधायक से सवाल करते हुए कहा कि क्या उन्हें जानकारी है कि पंचायत चुनाव के दौरान इस परिवार को धमकियां दी गई थीं? क्या सरकार को पता है कि चुनावों के दौरान आपराधिक तत्वों द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी?
उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपनी मर्जी से वोट देने और अपनी पसंद के उम्मीदवार का समर्थन करने का पूरा अधिकार है। यदि किसी परिवार को इस लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने के कारण धमकियां दी जाती हैं और बाद में उसी परिवार के घर पर ग्रेनेड हमला होता है, तो यह बेहद गंभीर मामला है।
सांसद ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील की कि वह सीमावर्ती इलाकों की जमीनी हकीकत को समझें और गैंगस्टरवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि लोगों के मन में डर और गुस्सा बढ़ रहा है तथा सरकार को केवल बयानों के बजाय जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
औजला ने मांग की कि हमले में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। यदि किसी स्थानीय व्यक्ति की इस मामले में भूमिका सामने आती है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षा मुहैया करवाने और आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों के लोगों को डर के माहौल में रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। सरकार की जिम्मेदारी है कि हर नागरिक की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।