सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की पहल, शिक्षक क्षमता विकास कार्यक्रम शुरू। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने किया शुभारंभ, करीब 110 स्कूलों के प्रिंसिपल व शिक्षा अधिकारियों ने लिया हिस्सा
सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों से जोड़ने की दिशा में मोगा
सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की पहल, शिक्षक क्षमता विकास कार्यक्रम शुरू।
डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने किया शुभारंभ, करीब 110 स्कूलों के प्रिंसिपल व शिक्षा अधिकारियों ने लिया हिस्सा।
मोगा, 26 अगस्त। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों से जोड़ने की दिशा में मोगा जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। जिला प्रशासन द्वारा नीति आयोग और भारतीय एयरटेल फाउंडेशन के सहयोग से ‘शिक्षक क्षमता विकास कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डिप्टी कमिश्नर मोगा सागर सेतिया ने किया।
कार्यक्रम में जिले के करीब 110 सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल, मुख्य अध्यापक, सीएचटी, डीआरसी, बीआरसी, बीएनओ तथा अन्य शिक्षा अधिकारियों ने भाग लिया। नीति आयोग के ओएसडी (शिक्षा) लेफ्टिनेंट कर्नल जितेंद्र वर्मा ने भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शिरकत की।
शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण जरूरी : सागर सेतिया
इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए शिक्षकों का निरंतर क्षमता विकास बेहद जरूरी है। आधुनिक तकनीक, डिजिटल संसाधनों और नई शिक्षण विधियों से शिक्षकों को जोड़कर विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में और सुधार किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनमें सोचने, समझने, रचनात्मकता तथा समस्याओं का समाधान करने की क्षमता विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। बदलते समय और तकनीक के साथ शिक्षकों का लगातार अपडेट रहना इसलिए बेहद आवश्यक है।उन्होंने कहा कि ‘द टीचर ऐप’ के माध्यम से शिक्षकों को डिजिटल और शोध आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। इस तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म शिक्षकों को विषयवार सामग्री, प्रशिक्षण मॉड्यूल और कक्षा शिक्षण से जुड़े उपयोगी संसाधनों तक आसानी से पहुंच प्रदान करते हैं।
इन विषयों पर रहेगा विशेष जोर
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि कार्यक्रम के तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक योग्यता, डिजिटल शिक्षण, कक्षा प्रबंधन, समावेशी शिक्षा और आधुनिक शिक्षण तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। निर्धारित पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले शिक्षकों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।उन्होंने उम्मीद जताई कि कार्यक्रम से शिक्षकों की पेशेवर क्षमता मजबूत होगी और इसका सकारात्मक प्रभाव सीधे कक्षा शिक्षण तथा विद्यार्थियों के सीखने के स्तर पर दिखाई देगा।
‘द टीचर ऐप’ से मिलेगा डिजिटल शिक्षण को बढ़ावा
भारतीय एयरटेल फाउंडेशन के रीजनल हेड प्रवीण कुमार चौधरी और मैनेजर-पार्टनरशिप्स आलोक उपाध्याय ने कार्यक्रम के दौरान ‘द टीचर ऐप’ की भूमिका तथा शिक्षकों के लिए उपलब्ध विभिन्न शिक्षण संसाधनों की जानकारी साझा की।उल्लेखनीय है कि ‘द टीचर ऐप’ को शिक्षकों के पेशेवर विकास और कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी एवं सहभागी बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इसमें विषय आधारित प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षण सामग्री, वेबिनार, क्विज और कक्षा प्रबंधन जैसे संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप पहल
कार्यक्रम में कहा गया कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप शिक्षकों के निरंतर पेशेवर विकास को मजबूत करने में सहायक होगी। शिक्षक प्रशिक्षण में तकनीक और शोध आधारित सामग्री के इस्तेमाल से कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक और विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप बनाने में मदद मिल सकती है। ऐसे शिक्षक विकास कार्यक्रमों में डिजिटल समावेशन तथा बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक योग्यता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर मोगा जसपिंदर सिंह सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।