संगमॉल की 45 कनाल जमीन की ₹421.75 करोड़ में बोली, परमेश कंस्ट्रक्शन पर इल्तिजा मुफ़्ती ने उठाए सवाल

📍 स्थान / Location: Srinagar 🗂️ विषय / Category: जम्मू और कश्मीर / J & K 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 September 3, 2026 🌐 GPS: Srinagar

श्रीनगर: श्रीनगर के प्रमुख कारोबारी इलाके संगमॉल में करीब 45 कनाल जमीन की नीलामी को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। दिल्ली में पंजीकृत परमेश कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड ने पहलगाम ग्रीन होटल्स और भूटानी इंफ्रा लिमिटेड के साथ मिलकर बनाए गए कंसोर्टियम के जरिए ₹421.75 करोड़ की सबसे ऊंची बोली लगाई है।

यह जमीन संगमॉल सिटी सेंटर के आसपास स्थित है और इसे श्रीनगर की प्रमुख व्यावसायिक संपत्तियों में से एक माना जाता है।

इल्तिजा मुफ़्ती ने उठाए सवाल

पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ़्ती ने इस नीलामी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर आरोप लगाया कि एनसी के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर सरकार कश्मीर की जमीन और महत्वपूर्ण संपत्तियों को नीलाम कर रही है।

मुफ़्ती ने परमेश कंस्ट्रक्शन को गैर-स्थानीय कंपनी बताते हुए सवाल किया कि इस महत्वपूर्ण संपत्ति के विकास में स्थानीय लोगों की वास्तविक हिस्सेदारी कितनी होगी। उन्होंने कंसोर्टियम में शामिल स्थानीय कंपनी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि केवल एक छोटी स्थानीय कंपनी की भागीदारी को स्थानीय मालिकाना हक का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

₹421.75 करोड़ की बोली

उपलब्ध टेंडर रिकॉर्ड के अनुसार, सरकार की ओर से आयोजित फॉरवर्ड नीलामी में परमेश कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड सफल बोलीदाता के रूप में सामने आई। नीलामी में संगमॉल क्षेत्र में श्रीनगर डेवलपमेंट अथॉरिटी (SDA) की जमीन के तीन हिस्से शामिल थे।

इस जमीन का विकास 99 साल की बिल्ड-ओन-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOOT) लीज व्यवस्था के तहत किया जाना है। यानी डेवलपर जमीन पर परियोजना तैयार करेगा, उसे एक निर्धारित अवधि तक संचालित करेगा और लीज की शर्तों के अनुसार बाद में संपत्ति का हस्तांतरण किया जाएगा। नीलामी 25 अगस्त को शुरू हुई और 26 अगस्त की सुबह तक चली। ₹421.75 करोड़ की सफल बोली नीलामी से पहले लगाए गए करीब ₹200 करोड़ के अनुमान से दोगुने से भी ज्यादा है।

कहां स्थित है जमीन?

करीब 45 कनाल की यह जमीन श्रीनगर के बेहद महत्वपूर्ण इलाके में है। यह मौजूदा संगमॉल कॉम्प्लेक्स के आगे और पीछे के हिस्से में, कश्मीर गोल्फ कोर्स के पास और पोलो व्यू के सामने स्थित है। जमीन की लोकेशन और बड़े क्षेत्रफल के कारण इसे शहर की प्रमुख व्यावसायिक संपत्तियों में गिना जा रहा है।

कंसोर्टियम में कौन-कौन शामिल?

सार्वजनिक कॉर्पोरेट रिकॉर्ड के अनुसार परमेश कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड एक गैर-सरकारी, पब्लिक अनलिस्टेड कंपनी है, जो रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज, दिल्ली के पास पंजीकृत है। इसका पंजीकृत कारोबारी पता पूर्वी दिल्ली में बताया गया है।

कंसोर्टियम में जम्मू-कश्मीर से जुड़ी पहलगाम ग्रीन होटल्स और भूटानी इंफ्रा लिमिटेड भी शामिल हैं। पहलगाम ग्रीन होटल्स को इस समूह का स्थानीय सदस्य बताया गया है। इसी वजह से अब बहस इस बात पर है कि कंसोर्टियम की संरचना में स्थानीय भागीदारी कितनी प्रभावी है और परियोजना से स्थानीय कारोबारियों तथा निवासियों को कितना फायदा मिलेगा।

संगमॉल कॉम्प्लेक्स का पुराना इतिहास

संगमॉल कॉम्प्लेक्स को 2015 में एक बड़े व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, समय के साथ कॉम्प्लेक्स का बड़ा हिस्सा अपेक्षित तरीके से इस्तेमाल नहीं हो सका। कई दुकानें बंद रहीं और संपत्ति के कुछ हिस्सों की हालत भी खराब होती गई। नई लीज व्यवस्था का उद्देश्य इस क्षेत्र में नए व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देकर संगमॉल को दोबारा सक्रिय करना है।

अब इस पूरी प्रक्रिया पर नजर इस बात को लेकर भी है कि इस प्रमुख सार्वजनिक जमीन का विकास किस तरह किया जाता है, परियोजना पर किसका नियंत्रण रहता है और इससे स्थानीय कारोबार तथा आम लोगों को कितना आर्थिक लाभ मिलता है। नीलामी को लेकर उठे राजनीतिक सवालों के बीच आगे यह भी महत्वपूर्ण होगा कि परियोजना की शर्तों और स्थानीय भागीदारी से जुड़े प्रावधानों को किस तरह लागू किया जाता है।

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