श्रीनगर एयरपोर्ट विस्तार की डेडलाइन बढ़ी, अब 2031 तक पूरा होने का लक्ष्य

📍 स्थान / Location: Srinagar 🗂️ विषय / Category: जम्मू और कश्मीर / J & K 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 September 9, 2026 🌐 GPS: Srinagar

Srinagar airport expansion misses earlier deadline, completion now targeted for 2031

श्रीनगर: श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तार की योजना अपनी शुरुआती आधिकारिक डेडलाइन पार कर चुकी है, लेकिन परियोजना का बड़ा निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। लेटेस्ट प्रोजेक्ट टाइमलाइन के अनुसार, एयरपोर्ट के विस्तार का काम अब वर्ष 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

सिविल एविएशन मिनिस्ट्री की 2022-23 की वार्षिक रिपोर्ट में श्रीनगर एयरपोर्ट पर करीब 1,400 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से नई इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग बनाने की योजना का उल्लेख किया गया था। उस समय परियोजना को प्लानिंग स्टेज में बताया गया था, जबकि प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) की प्रक्रिया प्रगति पर थी। रिपोर्ट में परियोजना को 31 अगस्त तक पूरा करने की अनुमानित तारीख तय की गई थी।

हालांकि, इसके बाद परियोजना के स्वरूप और टाइमलाइन में बदलाव हुआ। 24 फरवरी को कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 1,677 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से नए सिविल एन्क्लेव के विकास को मंजूरी दी। मंजूर परियोजना करीब 73.18 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इसमें मौजूदा ढांचे समेत करीब 71,500 वर्ग मीटर का नया टर्मिनल प्रस्तावित है। इसकी क्षमता पीक आवर्स में करीब **2,900 यात्रियों** और सालाना **एक करोड़ यात्रियों** को संभालने की होगी।

लेटेस्ट प्रोक्योरमेंट रिकॉर्ड के मुताबिक परियोजना अभी मुख्य निर्माण चरण में नहीं पहुंची है। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने नए इंटीग्रेटेड टर्मिनल और इससे जुड़े कार्यों, जिसमें एप्रन एक्सटेंशन भी शामिल है, के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी नियुक्त करने को टेंडर जारी किया है। इस कार्य की अनुमानित लागत करीब 937.92 करोड़ रुपये है। टेंडर दस्तावेज के अनुसार, PMC के लिए कुल 61 महीने की अवधि निर्धारित की गई है। इसमें प्री-अवार्ड गतिविधियां, निर्माण कार्य की निगरानी और उसके बाद का डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड शामिल है।

न्यूज़ एजेंसी कश्मीर न्यूज़ ट्रस्ट के मुताबिक, AAI की ओर से जारी किया गया पहला PMC टेंडर बाद में रद्द कर दिया गया था। इसके बाद इसी कंसल्टेंसी के लिए दोबारा टेंडर जारी किया गया। मौजूदा टेंडर अभी खुला है और इसमें बोली जमा करने की अंतिम तारीख 21 सितंबर निर्धारित की गई है। इस बीच, जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से गृह मंत्रालय को उपलब्ध कराई गई जानकारी में करीब 1,667 करोड़ रुपये की परियोजना को वर्ष 2031 में पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है। इन विवरणों के अनुसार, परियोजना को पूरा करने में करीब 48 महीने लगने का अनुमान है और उस समय इसे टेंडरिंग स्टेज में बताया गया था।

वहीं, एक अलग नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन रिकॉर्ड, जिसे आखिरी बार 3 जून 2026 को अपडेट किया गया था, में परियोजना की संभावित पूर्णता तिथि 31 जुलाई 2029 बताई गई थी। इसमें परियोजना की स्थिति DPR/फीजिबिलिटी स्टडी के चरण में दर्ज थी। अलग-अलग सरकारी दस्तावेजों में सामने आ रही टाइमलाइन से संकेत मिलता है कि श्रीनगर एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के स्कोप और प्लानिंग में समय के साथ बदलाव हुए हैं। मौजूदा CCEA-अप्रूव्ड योजना का उद्देश्य बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए एयरपोर्ट की क्षमता में बड़ा इजाफा करना है।

मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन के आंकड़ों के अनुसार, श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने 2024-25 के दौरान करीब 44.7 लाख यात्रियों को संभाला था। ऐसे में प्रस्तावित विस्तार को एयरपोर्ट की बढ़ती यात्री संख्या और भविष्य की जरूरतों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। फिलहाल, लेटेस्ट प्रोक्योरमेंट स्थिति से साफ है कि 1,677 करोड़ रुपये की विस्तार परियोजना के मुख्य निर्माण कार्य शुरू होने से पहले PMC का चयन किया जाना बाकी है। इसके बाद ही नए टर्मिनल और इससे जुड़े अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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