लुधियाना में फूड सेफ्टी टीम की बड़ी कार्रवाई, 35 किलो संदिग्ध पनीर मौके पर करवाया नष्ट

📍 स्थान / Location: लुधियाना 🗂️ विषय / Category: पंजाब / Punjab 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 September 15, 2026 🌐 GPS: लुधियाना

लुधियाना में खाद्य सुरक्षा टीम की विशेष जांच मुहिम; 35 किलो पनीर नष्ट

लुधियाना: आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन के दिशा-निर्देशों पर फूड सेफ्टी टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान सब्जी मंडियों, कन्फेक्शनरी इकाइयों, खाद्य दुकानों और अन्य फूड बिजनेस प्रतिष्ठानों की जांच की गई। खाद्य सुरक्षा को लेकर लोगों और कारोबारियों को जागरूक करने के लिए Food Safety on Wheels का भी इस्तेमाल किया गया।

जांच के दौरान सब्जी मंडी से पपीते का एक सैंपल लेकर अधिकृत खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया। वहीं हीरो बेकरी चौक और अब्दुल्ला बस्ती स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों से तैयार चिकन और पैटीज के सैंपल लिए गए। बहादुरके रोड स्थित सब्जी मंडी से पनीर के दो सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए। जांच के दौरान करीब 35 किलोग्राम पनीर मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त होने के संदेह के चलते इसे मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया।

इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला ने कहा कि खाद्य सुरक्षा स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला जांच में यदि कोई खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 और लागू नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने फूड बिजनेस ऑपरेटरों से प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य पदार्थों के उचित भंडारण और हैंडलिंग के साथ FSSAI के मानकों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की।

डॉ. चावला ने आम लोगों से भी अपील की कि वे खाद्य पदार्थ केवल साफ-सुथरे और विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से ही खरीदें। खासकर बरसात के मौसम में कटे हुए, सड़े-गले या बासी फल और सब्जियों के इस्तेमाल से बचें। फूड सेफ्टी टीम के अनुसार, जिले में जांच अभियान के साथ*Food Safety on Wheels के माध्यम से जागरूकता और खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच की गतिविधियां आगे भी जारी रहेंगी।

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