रामानुजम सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड इंडियन मैथमेटिक्स’ को केंद्र सरकार की स्वीकृति

📍 स्थान / Location: शिमला 🗂️ विषय / Category: हिमाचल / Himachal 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 September 18, 2026 🌐 GPS: शिमला

रामानुजम सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड इंडियन मैथमेटिक्स’ को केंद्र सरकार की स्वीकृति

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि — ‘रामानुजम सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड इंडियन मैथमेटिक्स’ को केंद्र सरकार की स्वीकृति

शिमला।हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी अकादमिक उपलब्धि प्राप्त हुई है। शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education), भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत इंडियन नॉलेज सिस्टम्स डिवीजन (IKS Division) द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए IKS Research Centre Proposals Program के अंतर्गत चयनित प्रस्तावों की सूची जारी की गई है। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पहल के तहत हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को ‘भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र’ की स्थापना हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है।

कुलपति के गतिशील मार्गदर्शन (Under the dynamic guidance of Hon’ble Vice-Chancellor) में विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावित ‘रामानुजम सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड इंडियन मैथमेटिक्स’ भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण, संवर्धन एवं वैज्ञानिक अध्ययन को समर्पित होगा। इस केंद्र के माध्यम से आयुर्वेद, पारंपरिक धातु विज्ञान, हिमालयी स्वास्थ्य परंपराएं, लोक-संस्कृति, जनजातीय ज्ञान, पारंपरिक वास्तुकला, भारतीय गणित एवं खाद्य संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बहु-विषयक एवं गहन अनुसंधान कार्य संचालित किए जाएंगे।

इस शोध परियोजना का क्रियान्वयन IKS केंद्र के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें राजकीय कन्या महाविद्यालय, शिमला, आयुष विभाग, हिमाचल प्रदेश तथा अन्य संबद्ध विभागों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। सभी संस्थान समन्वित रूप से इस बहु-विषयक शोध कार्य को पूर्ण करेंगे। परियोजना के प्रभावी संचालन हेतु केंद्र को निर्धारित एवं उचित सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी, जिससे अनुसंधान अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा सके।

कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्वीकृति विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने विशेष रूप से डॉ. जोगिंद्र सिंह धीमान (मुख्य अन्वेषक – PI) के दूरदर्शी नेतृत्व, सतत प्रयासों एवं प्रभावशाली परियोजना-प्रस्तुतीकरण की सराहना की।

शिक्षा मंत्रालय द्वारा डॉ. धीमान की परियोजना को शोध केंद्र के रूप में मान्यता प्रदान किया जाना भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) के क्षेत्र में शोध को नई दिशा और प्रोत्साहन प्रदान करेगा। कुलपति ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके मार्गदर्शन में यह केंद्र न केवल शोध एवं नवाचार को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा, बल्कि भारतीय गणित एवं पारंपरिक ज्ञान की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच पर स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हिमाचल प्रदेश एवं समस्त विश्वविद्यालय समुदाय के लिए गर्व का क्षण बताते हुए सभी विद्वानों, शोधार्थियों एवं सहयोगियों को हार्दिक बधाई दी है।

Scroll to Top