राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से मिला दलित शोषण मुक्ति मंच,, डीजीपी को पद से हटाने की मांग।

📍 स्थान / Location: शिमला 🗂️ विषय / Category: हिमाचल / Himachal 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 August 20, 2026 🌐 GPS: शिमला

राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से मिला दलित शोषण मुक्ति मंच,, डीजीपी को पद से हटाने की मांग।

पुलिस उप अधीक्षक विजय कुमार रघुवंशी को डीजीपी द्वारा जाती गत भेद भाव ,उत्पीड़न प्रकरण की स्वतंत्र जांच हो, DGP को पद से हटाया जाए : दलित शोषण मुक्ति मंच*

दलित शोषण मुक्ति मंच के राज्य संयोजक जगत राम एवं राज्य सह-संयोजक आशीष कुमार के नेतृत्व में आज एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। प्रतिनिधिमंडल में विवेक कश्यप, सतपाल मान, नरेश कुमार, निशा, नोख राम, ओम प्रकाश आदि शामिल रहे।
मीडिया को संबोधित करते हुए जगत राम एवं आशीष कुमार ने कहा कि उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) शिमला श्री विजय कुमार रघुवंशी द्वारा उठाया गया जातिगत उत्पीड़न का मामला गंभीर है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग द्वारा इस मामले में DGP तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह एवं सतर्कता) को तलब किया गया है। ऐसे में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए DGP को तत्काल वर्तमान पद से हटाया जाए और विजय कुमार की शिकायत की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच ऐसी एजेंसी से करवाई जाए जो DGP के प्रशासनिक नियंत्रण में न हो।
उन्होंने कहा कि चंबा-चुराह प्रकरण में चुराह उत्सव के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा आरक्षण के खिलाफ प्रस्तुत किए गए नाटक को लेकर उठे विवाद की अभी तक निष्पक्ष जांच नहीं हुई है। मंच ने सरकार से मांग की कि इस मामले की तत्काल जांच करवाई जाए और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
मंच ने सरकारी भर्तियों एवं सेवाओं में आरक्षण रोस्टर के प्रभावी पालन की मांग करते हुए कहा कि सरकारी क्षेत्र में सभी प्रकार भर्तियों जैसे मल्टी टास्क ,पशु मित्र, बन मित्र , आउट सोर्स,स्कीम वर्कर पार्ट टाइम आदि भर्तियों में आरक्षण रोस्टर लागू किया जाए क्योंकि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दिया है कि 45 दिन से ज्यादा काम होगा वहां पर आरक्षण रोस्टर लागू किया जाएगा। भर्ती और पदोन्नति में आरक्षित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। विभागवार आरक्षण रोस्टर की समीक्षा कर आरक्षित पदों के बैकलॉग को तत्काल भरा जाए।
उन्होंने SC Component Plan को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति के विकास के लिए निर्धारित धनराशि का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए हो तथा इसका दूसरे मदों में विचलन बंद किया जाए। इसके लिए पारदर्शी निगरानी व्यवस्था बनाई जाए।
दलित शीशन मुक्ति मंच ने स्पष्ट किया कि विजय कुमार प्रकरण, चुराह प्रकरण, आरक्षण रोस्टर और SC Component Plan जैसे मुद्दे सीधे सामाजिक न्याय और अनुसूचित जाति के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े हैं। इन मामलों में सरकार द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो मंच संघर्ष को और तेज करेगा।

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