रकम दोगुनी करने का लालच देकर पूर्व हवलदार से एक करोड़ रुपये की ठगी

📍 स्थान / Location: मोगा 🗂️ विषय / Category: पंजाब / Punjab 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 August 28, 2026

सेना में 26 साल तक देश की सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त हुए पूर्व हवलदार को उसके पुराने फौजी साथी पर भरोसा करना महंगा पड़

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भरोसे की वर्दी, ट्रेडिंग का झांसा और एक करोड़ की ठगी।

सेना में साथ रहे नायक ने रिटायर हवलदार को बनाया निशाना, 50 लाख के रिटायरमेंट फंड समेत उधार लेकर भेजी रकम।

पैसे वापस मांगने पर खुद को वकील बताकर दूसरा व्यक्ति आया सामने, जेल से छुड़ाने के नाम पर भी वसूली।

मोगा 28 अगस्त सेना में 26 साल तक देश की सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त हुए पूर्व हवलदार को उसके पुराने फौजी साथी पर भरोसा करना महंगा पड़ गया। सेना में साथ रहे नायक ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में रकम दोगुनी करने का लालच देकर पूर्व हवलदार से एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि कथित तौर पर ठग ली। पीड़ित ने रिटायरमेंट के बाद मिले करीब 50 लाख रुपये के फंड के अलावा रिश्तेदारों और दोस्तों से उधार लेकर भी आरोपी के बताए बैंक खातों में रकम जमा कराई। जब काफी समय बाद भी पैसा वापस नहीं मिला तो ठगी का शक गहराने लगा। पीड़ित तरसेम सिंह निवासी गांव तलवंडी भंगेरियां ने चार जून 2026 को एसएसपी मोगा को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस जांच के बाद थाना मैहना में महाराष्ट्र निवासी अभिजीत किशोर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र जाने की तैयारी में है।

14 पंजाब यूनिट में हुई थी दोस्ती

तरसेम सिंह के अनुसार वह 31 दिसंबर 2021 को सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवा के दौरान 14 पंजाब यूनिट में उनकी मुलाकात नायक अभिजीत किशोर निवासी सांगली, महाराष्ट्र से हुई थी। शिकायत के मुताबिक अभिजीत सेना में रहते हुए ट्रेडिंग का काम करता था और साथी जवानों को निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा देता था। पुराने संबंध और सेना में साथ रहने के कारण तरसेम सिंह को उस पर पूरा विश्वास था।

19 मार्च 2024 से शुरू हुआ पैसों का सिलसिला

आरोप है कि रिटायरमेंट के बाद अभिजीत ने तरसेम सिंह से संपर्क किया और ऑनलाइन ट्रेडिंग में पैसा लगाने पर रकम दोगुनी करने का भरोसा दिया। इसके बाद 19 मार्च 2024 से तरसेम सिंह ने अलग-अलग किश्तों में पैसे भेजने शुरू किए। उन्होंने बैंक खातों और एफडी से करीब 50 लाख रुपये निकालकर आरोपी द्वारा बताए गए कोटक महिंद्रा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के खातों में रकम ट्रांसफर की।

जब अपनी रकम कम पड़ गई तो पीड़ित ने परिचितों और रिश्तेदारों से भी उधार लिया। शिकायत के अनुसार रूप सिंह से पांच लाख, बलविंदर सिंह से तीन लाख, एक अन्य मित्र बलविंदर सिंह से एक लाख और सुखदीप सिंह से तीन लाख रुपये लिए गए। इसके अतिरिक्त अन्य जानकारों से भी रकम लेकर आरोपी के खातों में भेजी गई। पीएनबी खातों में 7.04 लाख, 10.70 लाख और 6.02 लाख रुपये समेत कुल एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर किए जाने का आरोप है।

रकम मांगने पर आया दूसरा किरदार

जब तरसेम सिंह ने निवेश की गई रकम वापस मांगी तो अभिजीत कथित तौर पर बहाने बनाने लगा। इसी दौरान अनिल मोहन नामक व्यक्ति ने फोन किया और खुद को वकील बताया। उसने दावा किया कि अभिजीत किसी मामले में जेल में बंद है। उसे जेल से बाहर निकलवाने के लिए पैसे देने की बात कही गई और भरोसा दिलाया गया कि रिहा होने के बाद अभिजीत पूरी रकम लौटा देगा। पीड़ित के अनुसार इस बहाने उससे अतिरिक्त पैसे भी लिए गए।

जांच के बाद दर्ज हुआ मामला

लगातार रकम वापस न मिलने पर तरसेम सिंह ने एसएसपी मोगा से शिकायत की। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस कप्तान (इन्वेस्टिगेशन) की निगरानी में मामले की जांच की गई। पुलिस के अनुसार जांच में धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप सामने आने के बाद अभिजीत किशोर के खिलाफ धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जल्द पुलिस टीम महाराष्ट्र भेजी जाएगी।

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