मान सरकार की शिक्षा क्रांति ने सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली : प्रभबीर सिंह बराड़

📍 स्थान / Location: Amritsar 🗂️ विषय / Category: पंजाब / Punjab 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 August 22, 2026 🌐 GPS: Amritsar

अमृतसर:  PUNSUP (पंजाब) के चेयरमैन प्रभबीर सिंह बराड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे लगातार सुधारों के कारण सरकारी स्कूलों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल रही है। शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाते हुए सरकार ने छात्रों को आधुनिक सुविधाएं और बेहतर शिक्षा के मौके दिए हैं।

प्रभबीर सिंह बराड़ ने कहा कि मान सरकार की शिक्षा क्रांति के तहत सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने के साथ-साथ उनमें आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट क्लासरूम और बेहतर पढ़ाई का माहौल बनाया जा रहा है। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को प्राइवेट स्कूलों के छात्रों के बराबर अच्छी शिक्षा पाने के मौके मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल के छात्रों को JEE और NEET जैसे कॉम्पिटिटिव एग्जाम के लिए मुफ्त कोचिंग देने की पहल भी मान सरकार की दूर की सोच को दिखाती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन टैलेंटेड छात्रों को अपने सपने पूरे करने के बेहतर मौके मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार टीचरों की काबिलियत बढ़ाने के लिए उन्हें विदेश में ट्रेनिंग के मौके भी दे रही है। इसका सीधा फायदा पंजाब के स्टूडेंट्स को मिल रहा है और टीचर पंजाब के सरकारी स्कूलों में मॉडर्न एजुकेशन सिस्टम और नए तरीके लागू कर रहे हैं।

प्रभबीर सिंह बराड़ ने कहा कि मान सरकार का मकसद सिर्फ स्कूल की बिल्डिंगों को सुंदर बनाना ही नहीं है, बल्कि स्टूडेंट्स को वर्ल्ड-क्लास एजुकेशन देकर उन्हें समय के हिसाब से बनाना भी है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में सेल्फ-कॉन्फिडेंस बढ़ रहा है और वे नेशनल लेवल के कॉम्पिटिटिव एग्जाम में भी अपनी काबिलियत दिखा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने एजुकेशन सिस्टम पर उतना ध्यान नहीं दिया, लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार ने एजुकेशन को पॉलिटिकल नारे के बजाय जमीनी बदलाव का विषय बनाया है। पंजाब के सरकारी स्कूलों में आ रहा यह बदलाव राज्य के बच्चों के सुनहरे भविष्य की नींव बन रहा है। प्रभबीर सिंह बराड़ ने कहा कि मान सरकार की एजुकेशन क्रांति पंजाब के हर बच्चे को अच्छी क्वालिटी की एजुकेशन और बराबर मौके देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

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