मांगें नहीं मानीं तो 27 के बाद पूरे पंजाब में काम बंद करने की चेतावनी
सिविल अस्पताल में पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विस फेडरेशन यूनियन की ओर से कर्मचारियों की मांगों को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें जल्द पूरी करने की मांग की।
यूनियन के डिंपल गिल ने बताया कि 20 अगस्त को सरकार के साथ कर्मचारियों की बैठक होनी थी, लेकिन अब यह बैठक 27 अगस्त को होगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। कई कर्मचारी पिछले 17-18 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें नियमित नहीं किया गया है।डिंपल गिल ने कहा कि कर्मचारियों की मांग है कि उनकी न्यूनतम सैलरी 30 हजार रुपये की जाए या उन्हें पक्का किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों से बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन उन्हें धरातल पर लागू नहीं किया जा रहा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 27 अगस्त की बैठक में मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो पूरे पंजाब के सिविल अस्पतालों में काम बंद किया जाएगा। इसके संबंध में सिविल सर्जन, मुख्यमंत्री भगवंत मान, वित्त मंत्री और पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि काम बंद होने की जिम्मेदारी सरकार की होगी। हालांकि आम लोगों की परेशानी को देखते हुए इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी जाएंगी।