मनाली सरकारी स्कूल में सात विषयों के पद खाली, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही सरकार: गोविंद सिंह ठाकुर
मनाली सरकारी स्कूल में सात विषयों के पद खाली, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही सरकार: गोविंद सिंह ठाकुर
मनाली, 20 अगस्त। पूर्व शिक्षा मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता गोविंद सिंह ठाकुर ने मनाली विधानसभा क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के लंबे समय से रिक्त चल रहे पदों को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और सरकार को शिक्षा व्यवस्था की जमीनी स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि मनाली वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जैसे महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थान में सात विभिन्न विषयों के अध्यापकों के पद खाली होना अत्यंत चिंताजनक है। विद्यालय में अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र, हिंदी, भूगोल, अर्थशास्त्र और कला सहित विभिन्न विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण विषय पढ़ाने के लिए नियमित अध्यापक ही उपलब्ध नहीं होंगे, तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की अपेक्षा कैसे की जा सकती है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई थी। विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, रिक्त पदों को भरने तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। आवश्यकता के अनुसार नए विषय शुरू करने और विद्यालयों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
पूर्व शिक्षा मंत्री ने कटरांई विद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यहां भी कई पद लंबे समय से खाली हैं। इसके बावजूद इतिहास विषय का पद भुंतर स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि मनाली विधानसभा क्षेत्र के विद्यालय पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को पदों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के बजाय पहले उन विद्यालयों की आवश्यकता पूरी करनी चाहिए, जहां विद्यार्थियों को अध्यापकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि शिक्षकों की कमी की समस्या केवल मनाली और कटरांई विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि मनाली विधानसभा क्षेत्र के कई सरकारी विद्यालयों में विभिन्न विषयों के पद रिक्त चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र से संबंधित कई शिक्षक दूसरे जिलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार आवश्यकता के अनुरूप उन्हें वापस लाने अथवा स्थानीय विद्यालयों में उनकी सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को सत्ता में आए लगभग चार वर्ष का समय हो चुका है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार के पास पर्याप्त समय और अवसर था, लेकिन इसके बावजूद विद्यालयों में शिक्षकों की कमी बनी रहना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार को राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए और प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में रिक्त पदों का तत्काल आकलन करवाकर आवश्यकतानुसार शिक्षकों की नियुक्ति करनी चाहिए। उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि दूसरे जिलों में तैनात मनाली विधानसभा क्षेत्र से संबंधित शिक्षकों की सेवाओं का आवश्यकता के अनुसार स्थानीय विद्यालयों में उपयोग करने पर गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को संबंधित विषयों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित हो सके। *****