बाड़ी स्कूल में शिक्षा विभाग ने बदला स्टाफ 3 बच्चों ने छोड़ा बाड़ी स्कूल स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट लेने पहुंचे थे अभिभावक फूड सैंपल की रिपोर्ट न आने से अभिभावकों में रोष कल से बच्चों को स्कूल भेजने के लिए हुए राजी रिपोर्ट आने तक घर से भेजा जाएगा बच्चों का खाना

📍 स्थान / Location: Kullu 🗂️ विषय / Category: हिमाचल / Himachal 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 September 1, 2026 🌐 GPS: Kullu

जिला कुल्लू के मनाली विधानसभा क्षेत्र की राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाड़ी में मंगलवार को दर्जनों अभिभावक अपने बच्चों का स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट लेने के लिए पहुंचे थे। ऐसे में तीन अभिभावकों ने अपने बच्चों का स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट ले लिया। लेकिन स्कूल प्रबंधन से बैठक और स्टाफ के तबादले के बाद बाकी अभिभावक अब मान गए हैं और बुधवार से सभी अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजना शुरू कर देंगे।

वही 18 अगस्त को खीर खाने के बाद बीमार हुए बच्चों की हालत अभी भी ठीक नहीं है। ऐसे में चौथी कक्षा में पढ़ने वाली एक बच्ची नव्या का अभी भी नेरचौक मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। वही फूड सैंपल की रिपोर्ट न आने पर भी अभिभावकों में खासा रोष दिखा। अभिभावक ने निर्णय लिया कि जब तक फूड सैंपल की रिपोर्ट नहीं आती है, तब तक वह बच्चों को अपने घर से ही दोपहर का खाना बनाकर भेजेंगे। ऐसे में शिक्षकों के तबादले की मांग को पूरा होता देख अब अभिभावक भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हो गए हैं।

गौर रहे कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाड़ी में 18 अगस्त को दोपहर के भजन में खीर बनाई गई थी और खीर खाने के बाद 38 बच्चों की तबीयत भी खराब हुई थी। ऐसे में अभिभावकों के द्वारा बच्चों को पतलीकूहल स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया था। वही उसके बाद से लेकर अभी तक अभिभावकों के द्वारा बच्चों को स्कूल भी नहीं भेजा गया था।।ऐसे में शिक्षक और गैर शिक्षक स्कूल में आते रहे और अपना कार्य कर वापस जाते रहे। अभिभावकों के द्वारा शिक्षकों के साथ-साथ मिड डे मील कर्मचारी के तबादले की भी मांग रखी गई थी। लेकिन फिलहाल स्कूल में कार्यरत तीन शिक्षकों का तबादला कर दिया गया है और शिक्षा विभाग के द्वारा दो अन्य शिक्षकों के ऑर्डर भी इसी स्कूल के लिए जारी किए गए हैं।

अभिभावक अमर चंद ने बताया कि वह यहां पर अन्य अभिभावकों के साथ पहुंचे थे और अब उन्हें पता चला है कि यहां पर जो शिक्षक तैनात है उनका तबादला कर दिया गया है। ऐसे में अब सभी अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हो गए हैं। वहीं उन्होंने प्रशासन से भी आग्रह किया है कि फूड सैंपल की जो रिपोर्ट में देरी हो रही है। उसे भी जल्द जारी किया जाना चाहिए। ताकि पता चल सके कि बच्चों की तबीयत आखिर किन कारणों के चलते खराब हुई।

महिला शीला ने बताया कि अभी भी कई बच्चे ऐसे हैं। जो स्कूल आने की हालत में नहीं है और बार-बार बच्चों की तबीयत भी खराब हो रही है। स्कूल प्रशासन के द्वारा इसे बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं लिया गया। ऐसे में अब सभी अभिभावक फिर से अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार है। लेकिन स्कूल प्रबंधन को चाहिए कि वह बच्चों की सेहत का अच्छे से ख्याल रखें। ताकि दोबारा इस तरह की घटना पेश न आ सके।

अभिभावक सीता ने बताया कि खीर खाने के बाद बच्चों की तबीयत खराब हुई और उसके बाद से बच्चे अभी भी स्कूल आने से डर रहे हैं। सभी अभिभावकों ने स्कूल स्टाफ को बदलने की मांग रखी थी और अब शिक्षकों के तबादले कर दिए गए हैं। अब वह अपने बच्चों को स्कूल से नहीं निकाल रहे हैं और अब बुधवार से सभी विभागों का अपने बच्चों को फिर से स्कूल भेजने के लिए तैयार हो गए हैं लेकिन मिड डे मील बनाने के दौरान स्कूल प्रबंधन को काफी सतर्कता रखनी चाहिए।

अभिभावक मंजू ने बताया कि 18 अगस्त को बच्चों की तबीयत खराब हुई और बच्चे कुछ दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे। उसके बाद से ही अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया था। अब फूड सैंपल की रिपोर्ट भी जल्द सामने आनी चाहिए। ताकि जो भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है उस पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
अभिभावक आशा ने बताया की अब नया स्टाफ स्कूल में आने वाला है। ऐसे ने उनकी मांग है कि अब स्कूल में फिर इस तरह की घटना न हो इसका ख्याल रखा जाए. साथ ही उन्होंने आग्रह किया है कि अगर स्कूल ने कभी किसी भी बच्चे की तबियत बिगड़ती है तो स्कूल प्रबंधन के द्वारा उसी समय अभिभावकों को फोन किया जाना चाहिए वरना इस तरह से फिर बच्चे अस्पताल ने भर्ती हो सकते है।

राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाड़ी के मुख्य शिक्षक सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि स्कूल में तीन शिक्षकों का आशीर्वाद तबादला शिक्षा विभाग के द्वारा कर दिया गया है और तीन बच्चों के अभिभावकों के द्वारा स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट भी लिया है। ऐसे में अब स्कूल में 50 बच्चे शिक्षा ग्रहण करेंगे और उनके अभिभावक भी अब इस बात के लिए राजी हो गए हैं। वहीं अभिभावकों ने निर्णय लिया है कि जब तक फूड सैंपल की रिपोर्ट नहीं आती है। तब तक स्कूल में मिड डे मिल नहीं बनेगा और वह अपने बच्चों को घर से ही खाना तैयार कर भेजेंगे।

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