बाजवा ने न्यायमूर्ति मिश्रा का मुख्य न्यायाधीश के रूप में स्वागत किया, कहा—न्यायपालिका को निडर रहना चाहिए

📍 स्थान / Location: Amritsar 🗂️ विषय / Category: पंजाब / Punjab 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 September 7, 2026 🌐 GPS: Amritsar

बाजवा ने न्यायमूर्ति मिश्रा का मुख्य न्यायाधीश के रूप में स्वागत किया, कहा—न्यायपालिका को निडर रहना चाहिए

बाजवा ने न्यायमूर्ति मिश्रा का मुख्य न्यायाधीश के रूप में स्वागत किया, कहा—न्यायपालिका को निडर रहना चाहिए

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आज माननीय न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने पर बधाई दी और उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

बाजवा ने कहा कि न्यायपालिका ने बार-बार यह साबित किया है कि वह संविधान की रक्षा करेगी, नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा करेगी और आवश्यकता पड़ने पर सरकारों को जवाबदेह ठहराएगी। उन्होंने कहा, “पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित महंगाई भत्ते (DA) के बकाये से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यवाही से लेकर अधिवक्ता निखिल सराफ द्वारा दायर याचिका तक, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि कोई भी सरकार कानून से ऊपर नहीं हो सकती।”

उच्च न्यायालय ने हाल ही में पंजाब सरकार को लंबित DA की किस्तें जारी करने का निर्देश दिया था। अदालत ने सरकार द्वारा वित्तीय कठिनाइयों का हवाला दिए जाने पर भी सवाल उठाए थे, जबकि विज्ञापनों और अन्य विवेकाधीन मदों पर खर्च जारी रहा। निखिल सराफ मामले में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए जाने के बाद अदालत ने पंजाब सरकार से जवाब मांगा था। इसके बाद सरकार ने अदालत को आश्वासन दिया कि संबंधित संपत्ति के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई फिलहाल रोक दी जाएगी।

बाजवा ने न्यायमूर्ति मिश्रा की नियुक्ति का विरोध करने और शपथ ग्रहण समारोह से दूर रहने के भगवंत मान सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस तरह का आचरण स्वतंत्र न्यायपालिका के प्रति सरकार के रवैये को लेकर दुर्भाग्यपूर्ण संदेश देता है।

बाजवा ने कहा, “सरकार को कॉलेजियम की सिफारिश पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर दिया गया था। केंद्रीय कानून मंत्रालय ने 12 अगस्त को पंजाब सरकार को यह सिफारिश भेजी थी, लेकिन नियुक्ति की अधिसूचना जारी होने से पहले राज्य सरकार ने अपने विचार नहीं दिए। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत समय पर जवाब देने के बजाय मान सरकार ने टकराव का रास्ता चुना।”

उन्होंने कहा कि इस विवाद को न्यायपालिका को डराने या उसकी स्वतंत्रता को कमजोर करने के प्रयास में नहीं बदलने दिया जाना चाहिए।

बाजवा ने कहा, “सरकारें न्यायिक आदेशों से असहमत हो सकती हैं, लेकिन वे न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल नहीं उठा सकतीं। न्यायपालिका स्वतंत्र, निडर और केवल संविधान तथा न्याय के प्रति प्रतिबद्ध रहनी चाहिए। मैं न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा का पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में स्वागत करता हूं और उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देता हूं।”

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