प्लास्टिक लिफाफों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध। सभी सार्वजनिक संपत्तियों और सरकारी इमारतों पर पोस्टर, हाथ से लिखने आदि पर पाबंदी

📍 स्थान / Location: मोगा 🗂️ विषय / Category: पंजाब / Punjab 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 September 3, 2026

जिला मजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर मोगा श्री सागर सेतिया द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत प्रा

प्लास्टिक लिफाफों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध।

सभी सार्वजनिक संपत्तियों और सरकारी इमारतों पर पोस्टर, हाथ से लिखने आदि पर पाबंदी

मोगा, 03 सितंबर जिला मजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर मोगा श्री सागर सेतिया द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए मैन्युफैक्चरिंग, यूजिज एंड डिस्पोजल कंट्रोल एक्ट-2005 के अनुसार जिला मोगा में 30 माइक्रोन से कम मोटाई तथा 8 बाई 12 आकार से छोटे, बिना जोड़ वाले प्लास्टिक लिफाफों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

जिला मजिस्ट्रेट श्री सागर सेतिया ने बताया कि जिला मोगा में प्लास्टिक लिफाफों का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है। तकनीकी दबाव और विपणन की नई तकनीकों के कारण इस्तेमाल करके फेंकने वाले, पैकिंग के लिए तथा उपभोक्ता वस्तुओं के लिए प्लास्टिक लिफाफों की बढ़ती खपत के कारण बड़ी मात्रा में प्लास्टिक का कचरा डंपिंग स्थलों और खुले स्थानों पर जमा हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं।

प्लास्टिक लिफाफे सीवरेज प्रणाली को विशेष रूप से नुकसान पहुंचाते हैं, क्योंकि ये नालियों और खुले नालों में रुकावट पैदा करते हैं। प्लास्टिक में मौजूद रंगकारी पदार्थ और विषैले तत्व कई बीमारियों का कारण बनते हैं। प्लास्टिक के नष्ट न होने वाले गुण इसके दुष्प्रभावों को कई गुना बढ़ा देते हैं। इसके अलावा, पशुओं द्वारा प्लास्टिक लिफाफों के अवशेष खा लिए जाने के कारण गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं और कई बार उनकी मृत्यु भी हो जाती है, जिससे आम जनजीवन में भारी व्यवधान पैदा होता है। यह मानव स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। पंजाब प्लास्टिक एंड कैरी बैग्स (मैन्युफैक्चरिंग, यूजिज एंड डिस्पोजल) कंट्रोल एक्ट, 2005 के अनुसार प्लास्टिक लिफाफों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाना जनहित में आवश्यक है।

इसके अलावा जिला मजिस्ट्रेट द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए मोगा में स्थित सभी सार्वजनिक संपत्तियों तथा सरकारी इमारतों/स्थानों पर किसी भी प्रकार के पोस्टर, तस्वीरें, हाथ से लिखने अथवा अन्य किसी भी प्रकार के कागजात आदि लगाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

उन्होंने बताया कि सार्वजनिक संपत्तियों/सरकारी इमारतों पर आम जनता द्वारा हाथ से लिखकर अथवा पोस्टर, तस्वीरें और अन्य प्रकार के कागजात विज्ञापन के उद्देश्य से लगा दिए जाते हैं। इससे इन इमारतों की सुंदरता नष्ट होती है और वे बदसूरत दिखाई देने लगती हैं, जो कि जनहित के विरुद्ध है। ये दोनों आदेश 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेंगे।

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