पोषण माह के तहत मोगा के आंगनवाड़ी केंद्रों में जागरूकता गतिविधियां जोरों पर संतुलित आहार, एनीमिया से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में किया जा रहा जागरूक
सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, पंजाब द्वारा मनाए जा रहे पोषण माह के तहत जिला मोगा के विभिन्न आंगनवाड़ी क
पोषण माह के तहत मोगा के आंगनवाड़ी केंद्रों में जागरूकता गतिविधियां जोरों पर
संतुलित आहार, एनीमिया से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में किया जा रहा जागरूक
मोगा, 10 सितंबर: सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, पंजाब द्वारा मनाए जा रहे पोषण माह के तहत जिला मोगा के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों और गांवों में लोगों को संतुलित आहार, स्वस्थ जीवनशैली तथा पोषण के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती गुरजीत कौर ने बताया कि पोषण माह का मुख्य उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरियों को संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि मजबूत स्वास्थ्य के लिए जीवन के शुरुआती चरण से ही उचित पोषण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि सभी सुपरवाइजरों और पोषण कोऑर्डिनेटरों के मार्गदर्शन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गांवों और आंगनवाड़ी केंद्रों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों के दौरान संतुलित आहार, एनीमिया से बचाव, साफ-सफाई एवं स्वच्छता, मां के दूध का महत्व, स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
श्रीमती गुरजीत कौर ने बताया कि पोषण माह के दौरान पोषण वाटिका, पोषण प्रदर्शनियां, जागरूकता रैलियां, घर-घर संपर्क और सामुदायिक बैठकों के माध्यम से लोगों को पोषण संबंधी जानकारी दी जा रही है। इन गतिविधियों का उद्देश्य परिवारों को अपने दैनिक भोजन में उपलब्ध स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने बताया कि सुपरवाइजरों और पोषण कोऑर्डिनेटरों द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आयोजित करने के लिए आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया जा रहा है, ताकि पोषण संबंधी संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि “सही पोषण, स्वस्थ जीवन की नींव है।” उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को अपने दैनिक भोजन में विभिन्न पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करके संतुलित आहार को प्राथमिकता देनी चाहिए। विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरियों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि पोषण माह की गतिविधियों को सफल बनाने के लिए सुपरवाइजर, पोषण कोऑर्डिनेटर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पूरी सक्रियता से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं तथा लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।