पहली बेटी के बाद घर आईं जुड़वा बेटियां, ढोल की थाप पर झूम उठा परिवार।

📍 स्थान / Location: मोगा 🗂️ विषय / Category: पंजाब / Punjab 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 September 8, 2026

समाज में आज भी कुछ जगहों पर बेटियों के जन्म को लेकर चली आ रही पुरानी सोच के बीच मोगा के एक परिवार ने मिसाल पेश कर

पहली बेटी के बाद घर आईं जुड़वा बेटियां, ढोल की थाप पर झूम उठा परिवार।

गाड़ी सजाकर नवजात बेटियों को अस्पताल से घर लाए परिजन, दरवाजे पर तेल उतारकर किया स्वागत।

केक काटकर पूरे परिवार ने मनाया जश्न, पिता बोले—‘बेटियां अपनी किस्मत साथ लेकर आई हैं।

मोगा, 7 सितंबर समाज में आज भी कुछ जगहों पर बेटियों के जन्म को लेकर चली आ रही पुरानी सोच के बीच मोगा के एक परिवार ने मिसाल पेश करते हुए जुड़वा बेटियों के जन्म पर जमकर खुशियां मनाईं। परिवार में पहले से एक बेटी है और अब दो जुड़वा बेटियों के जन्म के बाद घर में तीन बेटियां हो गई हैं। तीन बेटियों के जन्म को परिवार ने किसी चिंता या बोझ के रूप में नहीं देखा, बल्कि इसे अपने लिए सौभाग्य मानते हुए नवजात बेटियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

परिवार के सदस्य नवजात जुड़वा बेटियों को अस्पताल से घर लाने के लिए विशेष रूप से गाड़ी सजाकर पहुंचे। बेटियों को गाड़ी में बैठाकर जब परिवार घर पहुंचा तो ढोल की थाप के साथ खुशी का माहौल बन गया। परिजनों ने नाच-गाकर अपनी खुशी का इजहार किया। इस खुशी के मौके पर परिवार के सदस्यों ने केक काटकर भी जश्न मनाया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर नवजात बेटियों के घर आने की खुशी साझा की। घर के मुख्य द्वार पर पहुंचने पर नवजात बेटियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया और तेल उतारकर उनके घर में प्रवेश को शुभ माना गया। इस दौरान परिवार के सदस्यों की खुशी देखते ही बन रही थी।

बातचीत के दौरान नवजात जुड़वा बेटियों के पिता विशाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनके घर पहले से एक बेटी है और अब भगवान ने उन्हें दो बेटियां और दी हैं। इससे परिवार की खुशियां कई गुना बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की बिल्कुल चिंता या आपत्ति नहीं है कि उनके घर तीन बेटियां हैं। बल्कि वह इसे अपने लिए सौभाग्य मानते हैं। विशाल ने कहा कि उनकी तीनों बेटियां अपने साथ अपनी किस्मत लेकर घर आई हैं और वह उनकी परवरिश में किसी तरह की कमी नहीं रहने देंगे।

विशाल ने कहा कि बेटियों को बेटों से कम नहीं समझना चाहिए। जिस तरह लोग बेटे के जन्म पर खुशी मनाते हैं, उसी तरह बेटी के जन्म पर भी परिवार और समाज को खुशी मनानी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बेटियों को बोझ समझने की मानसिकता बदलने की जरूरत है। किसी भी बेटी को जन्म से पहले ही खत्म करना समाज के लिए बेहद गंभीर चिंता का विषय है। बेटियों को अच्छी शिक्षा, संस्कार और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए, ताकि वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज और देश का नाम भी रोशन कर सकें।

इस दौरान नवजात जुड़वा बेटियों की बुआ भी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि भगवान ने उनके घर लक्ष्मी के रूप में दो बेटियां भेजी हैं, जिससे पूरा परिवार बेहद खुश है। उन्होंने कहा कि बेटियां परिवार की खुशियों को बढ़ाती हैं और माता-पिता के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़ी रहती हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं हैं। शिक्षा, खेल, प्रशासन, चिकित्सा, सेना और अन्य क्षेत्रों में बेटियां अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।

परिवार के सदस्यों ने कहा कि उनकी तीनों बेटियों के लिए खुशी का यह सिलसिला आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। उन्होंने समाज को संदेश दिया कि बेटी के जन्म को लेकर किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। बेटा और बेटी दोनों परिवार के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और दोनों को प्यार, सम्मान तथा आगे बढ़ने के बराबर अवसर मिलना चाहिए।

मोगा के इस परिवार द्वारा जुड़वा बेटियों के जन्म पर ढोल बजाकर, गाड़ी सजाकर और केक काटकर किया गया स्वागत न केवल परिवार की खुशी को दर्शाता है, बल्कि समाज को बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश भी देता है।

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