पंजाब सरकार के धमकी भरे पत्र की शिक्षकों ने फूंकी प्रतियां।

📍 स्थान / Location: मोगा 🗂️ विषय / Category: पंजाब / Punjab 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 August 29, 2026

पंजाब सरकार की ओर से कर्मचारियों के संघर्ष और मांगों को लेकर जारी किए गए कथित धमकी भरे पत्र के विरोध में शनिवार को मोगा

पंजाब सरकार के धमकी भरे पत्र की शिक्षकों ने फूंकी प्रतियां।

डीटीएफ ने सरकार से अड़ियल रवैया छोड़कर कर्मचारी संगठनों से बातचीत करने की मांग की, डीए व काटे गए भत्ते बहाल करने की उठाई आवाज।

मोगा, 29 अगस्त (दलीप कुमार ) पंजाब सरकार की ओर से कर्मचारियों के संघर्ष और मांगों को लेकर जारी किए गए कथित धमकी भरे पत्र के विरोध में शनिवार को मोगा जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन किए। इस दौरान डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) से जुड़े शिक्षक नेताओं और कर्मचारियों ने सरकार के पत्र की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज करवाया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाए।
इस मौके पर डीटीएफ पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजयपाल शर्मा, जिला मोगा के अध्यक्ष सुखपालजीत सिंह और कार्यकारी सचिव सुखविंदर सिंह घोलियां ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की आवाज दबाने के लिए धमकियों और दबाव की नीति अपनाने के बजाय उनके साथ बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं और सरकार को कर्मचारियों के संघर्ष को गंभीरता से लेते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को लगातार टालने से उनमें रोष बढ़ रहा है। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि वह अपना अड़ियल रवैया छोड़कर तुरंत कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करे। उन्होंने कहा कि बातचीत के माध्यम से ही विवादों और मांगों का स्थायी एवं सार्थक समाधान निकाला जा सकता है।
जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरमीत सिंह झोरड़ा, उपाध्यक्ष स्वर्णदास, संयुक्त सचिव अमनदीप माछीके और वित्त सचिव गुरशरण सिंह ने कहा कि कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक ढंग से संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की मांगों को हल करने की बजाय सरकार की ओर से दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे कर्मचारी संगठन स्वीकार नहीं करेंगे।
आगूओं ने पंजाब सरकार से कर्मचारियों का लंबित 18 प्रतिशत डीए जारी करने, विभिन्न कारणों से काटे गए 37 प्रकार के भत्तों को बहाल करने तथा एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) योजना को दोबारा शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को लंबे समय से अपने जायज वित्तीय और सेवा संबंधी अधिकारों का इंतजार है। सरकार को इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द फैसला लेना चाहिए।डीटीएफ नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को दबाने के बजाय सरकार को उनके प्रतिनिधियों के साथ सकारात्मक माहौल में बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो संगठन अपने संघर्ष को लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने के लिए मजबूर होंगे।प्रदर्शन के दौरान शिक्षक नेताओं ने कहा कि कर्मचारी संगठन अपने अधिकारों और मांगों को लेकर एकजुट हैं। सरकार की ओर से किसी भी तरह के दबाव या धमकी के बावजूद कर्मचारी अपने संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।इस मौके पर जगजीत सिंह रणियां, अमरदीप सिंह बुट्टर, दीपक मित्तल, नरेंद्र सिंह, ममता कौशल, मैडम अमरजीत कौर पत्तो, लखवीर कौर, नवदीप सिंह धूड़कोट, जसवीर सिंह सैदोंके, सुखजीत सिंह कुस्सा, हरप्रीत सिंह रामा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक नेता और कर्मचारी मौजूद थे।

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