जन्माष्टमी को लेकर मोगा के मंदिरों में तैयारियां जोरों पर। पाठशाला मंदिर में सात दिनों से धार्मिक आयोजन जारी,

📍 स्थान / Location: मोगा 🗂️ विषय / Category: पंजाब / Punjab 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 September 3, 2026

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्री जन्माष्टमी को लेकर मोगा सहित देशभर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मंदिरों को रंग

जन्माष्टमी को लेकर मोगा के मंदिरों में तैयारियां जोरों पर।

पाठशाला मंदिर में सात दिनों से धार्मिक आयोजन जारी, श्रद्धालुओं में उत्साह
अधूरे ज्ञान और सोशल मीडिया पर फैल रही गलत धार्मिक जानकारियों से सतर्क रहने की जरूरत : पवन गौतम।

मोगा, 3 सितंबर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्री जन्माष्टमी को लेकर मोगा सहित देशभर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है, वहीं बाजारों में भी पर्व को लेकर रौनक देखने को मिल रही है। मोगा के प्राचीन पाठशाला मंदिर में भी जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

पाठशाला मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और पिछले सात दिनों से लगातार धार्मिक कार्यक्रम चल रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति कर रहे हैं। सुबह दो शिफ्टों में पूजन करवाया जा रहा है, जबकि शाम के समय करीब साढ़े तीन घंटे कथा एवं कीर्तन का आयोजन किया जाता है।

करीब 100 वर्षों से मनाया जा रहा जन्माष्टमी उत्सव

पाठशाला मंदिर के पुजारी पवन गौतम ने जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि पाठशाला मंदिर मोगा शहर का प्राचीन एवं महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। मोगा और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर में करीब 100 वर्षों से जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा एवं धूमधाम से मनाया जा रहा है। पिछले करीब 25 वर्षों के दौरान इस उत्सव का और विस्तार हुआ है।

उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालु अपने परिवार की सुख-शांति और खुशहाली के लिए श्रीमद्भागवत महापुराण के पाठ करवाते हैं। इसके अलावा मंदिर में डांडिया नृत्य और झूला उत्सव भी आयोजित किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने श्रद्धाभाव से भाग लिया। आने वाले दिनों में भी विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

धर्म के नाम पर समाज में विभाजन के बजाय भाईचारा मजबूत करने की अपील
पुजारी पवन गौतम ने कहा कि आज कुछ लोग अपने निजी स्वार्थों के लिए धर्म के नाम पर समाज में विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। एक-दूसरे के धार्मिक विश्वासों की निंदा या अपमानजनक भाषा का प्रयोग समाज में दूरी पैदा कर सकता है। इसलिए सभी को आपसी सम्मान, सहनशीलता और भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम के माध्यम से इन दिनों अधूरा अथवा गलत धार्मिक ज्ञान बड़ी मात्रा में फैलाया जा रहा है। कई बार ऐसी बातों का धार्मिक ग्रंथों या प्रमाणिक पुस्तकों में कोई आधार नहीं होता, लेकिन भगवान की तस्वीर के साथ साझा किए जाने के कारण लोग उन्हें सच मान लेते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी धार्मिक जानकारी को स्वीकार करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच करें और धार्मिक ग्रंथों का स्वयं अध्ययन करें।

बच्चों को अच्छे संस्कार देना भी हमारी जिम्मेदारी
पवन गौतम ने कहा कि गलत जानकारी के प्रभाव में आकर हम न केवल अपने भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं, बल्कि बच्चों को भी गलत दिशा में ले जा सकते हैं। धर्म का अर्थ केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी संस्कृति, संस्कारों और अच्छी जीवन-मूल्यों से जुड़े रहना भी धर्म का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

भगवान श्रीकृष्ण के संदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जहां ज्ञान और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता हो, वहां प्रमाणिक ज्ञान का सहारा लेना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने साथ-साथ समाज के प्रति भी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर चीज की एक सीमा होती है, इसलिए हमें संयम, सहनशीलता और विवेक से काम लेना चाहिए।

उन्होंने लोगों से अपील की कि धार्मिक मामलों में अधूरी जानकारी पर विश्वास करने के बजाय प्रमाणिक धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करें, सोशल मीडिया पर प्राप्त जानकारी की पुष्टि करें तथा आपसी सम्मान और सामाजिक एकता को मजबूत करने के प्रयास करें।

Scroll to Top