ओपीडी बंद रहने से 700 मरीज परेशान, 10 के करीब ऑपरेशन प्रभावित
मोगा- पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज (पीसीएमएस) एसोसिएशन की ओर से कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर वीरवार को किए गए आंदोलन के कारण मोगा के सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। अस्पताल में ओपीडी और वैकल्पिक सर्जरी नहीं हो सकी। इसके चलते इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे करीब 700 मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मरीजों को बिना इलाज करवाए ही वापस लौटना पड़ा।
वहीं, करीब 10 वैकल्पिक ऑपरेशन भी प्रभावित हुए। पीसीएमएस एसोसिएशन के पंजाब उपाध्यक्ष गगनदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के चलते सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए वीरवार को ओपीडी और वैकल्पिक सर्जरी का बहिष्कार किया गया।
उन्होंने कहा कि एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में पंजाब में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को दोबारा लागू करना, कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते की किश्तें जारी करना तथा अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है। पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी लगातार अपनी मांगों को लेकर सरकार के समक्ष आवाज उठा रहे हैं, लेकिन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने के कारण कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है।
वीरवार सुबह अस्पताल में सामान्य दिनों की तरह मरीज इलाज के लिए पहुंचे, लेकिन ओपीडी सेवाएं प्रभावित होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए मरीजों को भी बिना जांच और उपचार के लौटना पड़ा। कई मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन और सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की।
एसोसिएशन ने पंजाब सरकार से अपील की कि कर्मचारियों की लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला लिया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके और आंदोलन के कारण आम लोगों को प्रभावित हो रही स्वास्थ्य सेवाओं को जल्द सामान्य किया जा सके। कर्मचारियों का कहना है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।