रामपुर के विधायक नंद लाल का निधन, 5:30 बजे ली अंतिम सांस

📍 स्थान / Location: शिमला 🗂️ विषय / Category: हिमाचल / Himachal 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 November 3, 2026 🌐 GPS: शिमला

रामपुर के विधायक नंद लाल का निधन, 5:30 बजे ली अंतिम सांस

रामपुर के विधायक नंद लाल का निधन, 5:30 बजे ली अंतिम सांस

किडनी और प्रोस्टेट की बीमारी से लंबे समय से थे पीड़ित, कई वर्षों से चल रहा था डायलिसिस; तबीयत बिगड़ने पर आईजीएमसी से चमियाणा अस्पताल किया गया था शिफ्ट

शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति से आज सुबह दुखद खबर सामने आई है। रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता नंद लाल का मंगलवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने सुबह करीब 5:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से रामपुर सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।

विधायक नंद लाल पिछले काफी समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। वह किडनी और प्रोस्टेट की बीमारी से पीड़ित थे और पिछले कई वर्षों से उनका डायलिसिस चल रहा था। लंबे समय से उनका उपचार जारी था और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते उनकी स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी।

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को अचानक उनकी हार्ट रेट कम हो गई, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला में भर्ती करवाया गया था। हालत में गंभीरता को देखते हुए सोमवार दोपहर करीब 3 बजे उन्हें आईजीएमसी से अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी चमियाणा शिफ्ट किया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

नंद लाल के निधन से कांग्रेस संगठन और प्रदेश की राजनीति को बड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी सोमवार को चमियाणा अस्पताल पहुंचकर उनका कुशलक्षेम जाना था और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। हालांकि, मंगलवार सुबह उनके निधन की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया। Hindustan +1

चार बार लगातार रामपुर से बने विधायक

नंद लाल का जन्म 16 अप्रैल 1954 को रामपुर बुशहर के देवठी गांव में हुआ था। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में सेवाएं दीं। वह विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) में भी तैनात रहे और देश के महत्वपूर्ण सुरक्षा दायित्वों का निर्वहन किया। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2001 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। Hindustan +1

सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने वर्ष 2007 में कांग्रेस के टिकट पर रामपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक पारी शुरू की। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज की और चार बार विधायक बने। वह पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के करीबी नेताओं में गिने जाते थे।

विधायक के रूप में उन्होंने प्रदेश सरकार में मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) की जिम्मेदारी भी निभाई। मार्च 2024 में प्रदेश सरकार ने उन्हें सातवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। इस पद पर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्राप्त था। Hindustan +1

उनके निधन से रामपुर विधानसभा क्षेत्र ने अपना एक अनुभवी जनप्रतिनिधि खो दिया है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस में भी इस दुखद घटना से शोक का माहौल है।

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