मोगा में नशे के खिलाफ प्रशासन सख्त, खाली इमारतों और प्लॉटों के दुरुपयोग पर लगाई रोक
जिले में नशे की रोकथाम और सार्वजनिक स्थानों पर गैर-कानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने खाली
मोगा में नशे के खिलाफ प्रशासन सख्त, खाली इमारतों और प्लॉटों के दुरुपयोग पर लगाई रोक
सुनसान स्थानों पर नशीले पदार्थों के सेवन और कूड़ा फेंकने पर होगी कानूनी कार्रवाई, जिला मजिस्ट्रेट सागर सेतिया ने धारा 163 के तहत जारी किए आदेश
मोगा, 15 अक्टूबर जिले में नशे की रोकथाम और सार्वजनिक स्थानों पर गैर-कानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने खाली पड़ी इमारतों, सुनसान स्थानों और बिना चारदीवारी वाले प्लॉटों के दुरुपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिला मजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का उद्देश्य ऐसे स्थानों पर नशीले पदार्थों के सेवन, गंदगी फैलाने और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकने के साथ-साथ जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
जारी आदेशों के अनुसार, जिले की सीमा के भीतर बिना दरवाजों और खिड़कियों वाली खाली इमारतों, सुनसान स्थानों तथा बिना चारदीवारी वाले खाली प्लॉटों का इस्तेमाल नशीले पदार्थों के सेवन या अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा, इन स्थानों पर कूड़ा-कचरा फेंकने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। ये आदेश 13 दिसंबर, 2026 तक लागू रहेंगे।
खाली इमारतों और प्लॉटों के दुरुपयोग पर प्रशासन की नजर
जिला मजिस्ट्रेट ने आदेशों में स्पष्ट किया है कि जिले में कई जगह खाली पड़ी इमारतों, सुनसान स्थानों और खाली प्लॉटों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण वहां कूड़ा-कचरा जमा हो जाता है। ऐसे स्थानों पर गंदगी फैलने से आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और सार्वजनिक स्वच्छता भी प्रभावित होती है।
इसके साथ ही, इन स्थानों का इस्तेमाल नशीले पदार्थों के सेवन तथा अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए किए जाने की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे स्थानों की निगरानी और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं होने से संबंधित समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने इन स्थानों के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
नशे की रोकथाम के साथ स्वच्छता पर भी जोर
प्रशासन द्वारा उठाए गए इस कदम का उद्देश्य केवल नशे से जुड़ी गतिविधियों को रोकना ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा बनाए रखना भी है। खाली प्लॉटों और इमारतों में जमा कूड़ा-कचरा आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता को प्रभावित करता है। वहीं, सुनसान स्थानों पर गैर-कानूनी गतिविधियों की आशंका स्थानीय लोगों की चिंता का कारण बन सकती है।
ऐसे में इन स्थानों की सफाई सुनिश्चित करना, कूड़ा-कचरे को हटाना और उनके अनुचित इस्तेमाल पर रोक लगाना जरूरी माना गया है। जिला प्रशासन ने जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है।
13 दिसंबर तक लागू रहेंगे आदेश
जिला मजिस्ट्रेट सागर सेतिया द्वारा जारी आदेशों के तहत प्रतिबंध 13 दिसंबर, 2026 तक प्रभावी रहेंगे। इस अवधि के दौरान आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी। प्रशासनिक आदेश का दायरा पूरे मोगा जिले की सीमा के भीतर निर्धारित किए गए संबंधित स्थानों पर लागू होगा।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई का मकसद जिले में नशे से संबंधित गतिविधियों पर अंकुश लगाने, खाली पड़ी संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने, सार्वजनिक स्वच्छता बनाए रखने और कानून-व्यवस्था की स्थिति को बेहतर बनाए रखने के प्रयासों को मजबूत करना है।