32 आरसेटी प्रशिक्षुओं ने डेयरी फार्मिंग को बनाया स्वरोजगार का साधन

📍 स्थान / Location: मोगा 🗂️ विषय / Category: पंजाब / Punjab 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 September 18, 2026

पंजाब एंड सिंध बैंक द्वारा गांव दुन्नेके में संचालित स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), मोगा द्वारा आयोजित ‘पशुपालन

32 आरसेटी प्रशिक्षुओं ने डेयरी फार्मिंग को बनाया स्वरोजगार का साधन

पशुपालन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के सफलतापूर्वक समापन पर प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित

मोगा, 18 सितंबर पंजाब एंड सिंध बैंक द्वारा गांव दुन्नेके में संचालित स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), मोगा द्वारा आयोजित ‘पशुपालन (लघु उद्यमी)-चयनित 5 डेयरी फार्मिंग’ प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस अवसर पर प्रशिक्षण पूरा करने वाले 32 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

समारोह की मुख्य अतिथि डॉ. राजिंदर कौर, चेयरपर्सन, माई मोगा वेलफेयर सोसाइटी ने प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक प्रशिक्षण युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करने में सक्षम बनाता है।

पंकजेश कुमार गुप्ता, सहायक महाप्रबंधक, आरसेटी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान डॉ. बिहारी मंडेर द्वारा डेयरी फार्मिंग से संबंधित हार्ड स्किल सत्र आयोजित किए गए। इनमें प्रशिक्षुओं को डेयरी फार्मिंग को सफल उद्यम के रूप में संचालित करने के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल का प्रशिक्षण दिया गया। सभी 32 प्रतिभागियों ने डेयरी फार्मिंग को अपने स्वरोजगार के व्यवसाय के रूप में अपनाने की इच्छा व्यक्त की।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत आरसेटी मोगा ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं, विशेषकर कमजोर वर्गों से संबंधित 18 से 50 वर्ष की आयु के व्यक्तियों को विभिन्न स्वरोजगार व्यवसायों के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है।

आरसेटी द्वारा आने वाले समय में ‘महिलाओं का दर्जी’, ‘कम्प्यूटरीकृत अकाउंटिंग/सहायक बुककीपर’, ‘ब्यूटी पार्लर प्रबंधन’, ‘सॉफ्ट खिलौने बनाना’ और ‘फास्ट फूड स्टॉल उद्यमी’ आदि पाठ्यक्रम करवाए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों में रुचि रखने वाले युवा आरसेटी मोगा में पंजीकरण करवा सकते हैं।

इस अवसर पर आरसेटी स्टाफ द्वारा प्रशिक्षुओं को कौशल विकास के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें सफल एवं आत्मनिर्भर उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

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