जरूरत से ज्यादा यूरिया से बढ़ सकता है कीट और बीमारियों का खतरा: डॉ. गुरमिंदर सिंह बराड़

📍 स्थान / Location: मोगा 🗂️ विषय / Category: पंजाब / Punjab 📹 Farmers Advisory 📅 September 16, 2026

जरूरत से ज्यादा यूरिया से बढ़ सकता है कीट और बीमारियों का खतरा: डॉ. गुरमिंदर सिंह बराड़

मोगा: धान की फसल में कीटों और बीमारियों की स्थिति पर नजर रखने के लिए कृषि विभाग की ओर से खेतों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। मुख्य कृषि अधिकारी मोगा डॉ. अमृतपाल सिंह के दिशा-निर्देशों के तहत कृषि विशेषज्ञों ने विभिन्न गांवों में धान के खेतों का दौरा कर फसल की स्थिति का जायजा लिया।

अधिक यूरिया से कीटों के लिए अनुकूल माहौल

ब्लॉक कृषि अधिकारी मोगा-1 डॉ. गुरमिंदर सिंह बराड़ ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जिन खेतों में जरूरत से अधिक यूरिया का इस्तेमाल किया गया है, वहां फसल का रंग अपेक्षाकृत अधिक गहरा और पत्ते नरम पाए गए। ऐसी परिस्थितियां पत्ता लपेट सुंडी समेत अन्य कीटों और बीमारियों के हमले के लिए अनुकूल वातावरण बना सकती हैं।

उन्होंने किसानों को सलाह दी कि यूरिया का इस्तेमाल मिट्टी की जांच रिपोर्ट और कृषि विभाग की सिफारिशों के अनुसार ही किया जाए। किसानों को धान की रोपाई के तुरंत बाद आयोजित प्रशिक्षण शिविरों और फील्ड दौरों के दौरान भी संतुलित खाद इस्तेमाल के बारे में जागरूक किया गया था।

10 प्रतिशत ताजा नुकसान पर ही करें कीटनाशक का छिड़काव

डॉ. बराड़ ने कहा कि पत्ता लपेट सुंडी की रोकथाम के लिए किसान बिना जरूरत कीटनाशकों का छिड़काव न करें। खेत में लगभग 10 प्रतिशत पत्तों पर ताजा नुकसान दिखाई देने पर ही विभाग की सिफारिश के अनुसार कीटनाशक का स्प्रे किया जाए।

उन्होंने बताया कि बिना जरूरत या गलत समय पर की गई कीटनाशक स्प्रे से खेतों में मौजूद मित्र कीट भी प्रभावित हो सकते हैं। इससे प्राकृतिक रूप से कीट नियंत्रण की प्रक्रिया बाधित होने के साथ किसानों की लागत और आर्थिक नुकसान भी बढ़ सकता है।

प्रभावित खेतों में फिलहाल ताजा हमला नहीं

कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि निरीक्षण किए गए प्रभावित खेतों में पत्ता लपेट सुंडी का जीवन चक्र लगभग पूरा हो चुका है। वर्तमान में निरीक्षण के दौरान कहीं भी पत्ता लपेट सुंडी का ताजा हमला देखने को नहीं मिला।

नियमित खेत निरीक्षण की अपील

डॉ. बराड़ ने किसानों से अपने खेतों का नियमित निरीक्षण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि फसल में किसी भी प्रकार की समस्या दिखाई देने पर किसान तुरंत कृषि विशेषज्ञों से संपर्क करें।

साथ ही किसानों को गैर-सिफारिशशुदा कीटनाशकों और अनावश्यक रासायनिक मिश्रणों के इस्तेमाल से पूरी तरह बचने की सलाह दी गई। कृषि विभाग ने किसानों से संतुलित खाद प्रबंधन और आवश्यकता के अनुसार ही कीटनाशकों के इस्तेमाल पर जोर दिया है।

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