स्वायत्तता, स्वतंत्रता और गरिमा की रक्षा की मांग: HPU में हपुटवा शिक्षकों का 13वें दिन भी धरना
स्वायत्तता, स्वतंत्रता और गरिमा की रक्षा की मांग: HPU में हपुटवा शिक्षकों का 13वें दिन भी धरना
स्वायत्तता, स्वतंत्रता और गरिमा की रक्षा की मांग: HPU में हपुटवा शिक्षकों का 13वें दिन भी धरना
शिमला।हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायत्तता, अकादमिक स्वतंत्रता और संस्थागत गरिमा की रक्षा की मांग को लेकर HPUTWA का ‘विश्वविद्यालय बचाओ अभियान’ 13वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय के बाहर महाधरना देकर विश्वविद्यालय की स्वतंत्र पहचान और लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने की मांग बुलंद की।
*डॉ. राकेश कुमार नेगी* ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं, बल्कि दशकों के परिश्रम, शोध और अकादमिक परंपराओं से निर्मित संस्थान है। इसकी स्वायत्तता ही इसकी प्रभावी और स्वतंत्र कार्यप्रणाली का मूल आधार है।
*प्रो. चंद्र मोहन परशीरा* ने कहा कि 56 वर्षों में विश्वविद्यालय ने शिक्षा और शोध में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह हजारों शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की साझा विरासत है। किसी के ज्ञान को केवल तीन घंटे की परीक्षा से नहीं मापा जा सकता। विश्वविद्यालय में दिन-रात शोध चलता है, ऐसे में सरकार द्वारा स्वायत्त संस्थानों को बांधने का प्रयास उचित नहीं है।
*सचिव डॉ. अंकुश भारद्वाज* ने कहा कि शिक्षक जवाबदेही और पारदर्शिता के पक्षधर हैं, लेकिन जवाबदेही के नाम पर स्वायत्तता को कमजोर नहीं किया जा सकता। विश्वविद्यालय से जुड़े निर्णय लोकतांत्रिक और संस्थागत प्रक्रियाओं के अनुरूप लिए जाने चाहिए।
*संयुक्त सचिव डॉ. अंजली शर्मा* ने कहा कि स्वायत्तता केवल प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि शिक्षण, शोध और निर्णय लेने की अकादमिक स्वतंत्रता से जुड़ा है। सुधार के लिए संसाधनों, प्रयोगशालाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाना चाहिए, न कि स्वतंत्र कार्यप्रणाली को प्रभावित किया जाना चाहिए।
*अध्यक्ष प्रो. नितिन व्यास* ने कहा कि 13 दिनों से जारी यह अभियान शिक्षकों की एकजुटता और विश्वविद्यालय के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की गरिमा की रक्षा के लिए है और शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी जारी रहेगा। अंत में उन्होंने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।