खन्ना में प्रेशर हॉर्न पर पुलिस की सख्ती, 15 दिन के विशेष अभियान में अब तक एक दर्जन से ज्यादा चालान
खन्ना में प्रेशर हॉर्न बजाने वालों की नहीं होगी खैर, एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस ने कसा शिकं
लुधियाना: खन्ना में ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने और आम लोगों को प्रेशर हॉर्न से होने वाले ध्वनि प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया (आईपीएस) द्वारा अपनाए गए सख्त रुख के अच्छे परिणाम सामने आने लगे हैं। एसएसपी के निर्देशों पर ट्रैफिक पुलिस ने प्रेशर हॉर्न लगाने और बजाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ 15 दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान की शुरुआत 10 सितंबर से की गई और पहले ही दो दिनों में पुलिस ने एक दर्जन से अधिक वाहनों के चालान काटकर प्रेशर हॉर्न जब्त किए हैं।
एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया की कार्यशैली की खास बात यह है कि वे आम लोगों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दे रही हैं। प्रेशर हॉर्न को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस द्वारा शुरू किया गया यह अभियान भी इसी सोच का हिस्सा माना जा रहा है।
डीएसपी (ट्रैफिक) कर्मवीर सिंह तूर ने बताया कि एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के निर्देशों के अनुसार यह अभियान सब-डिवीजन खन्ना, पायल और समराला में एक साथ चलाया जा रहा है। 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रेशर हॉर्न के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि अभियान केवल 15 दिनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके बाद भी समय-समय पर विशेष चेकिंग की जाएगी।
पुलिस के अनुसार प्रेशर हॉर्न के इस्तेमाल से सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों, हृदय रोगियों और आम राहगीरों को होती है। कई बार बेहद तेज आवाज वाले हॉर्न अचानक बजने से सड़क पर चल रहे लोग घबरा जाते हैं, जिससे हादसे का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा शहर के रिहायशी इलाकों में प्रेशर हॉर्न का शोर लोगों के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा था।
डीएसपी कर्मवीर सिंह तूर ने कहा कि प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन है और इस मामले में पुलिस किसी भी तरह की ढील नहीं बरतेगी। उन्होंने बताया कि पहली बार नियम का उल्लंघन करने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना, दूसरी बार 10 हजार रुपये का जुर्माना हो सकता है। वहीं, तीसरी बार भी यही गलती करने पर वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द भी किया जा सकता है।
एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया द्वारा ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों की आम लोगों द्वारा भी सराहना की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़कों पर शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है।
एसएसपी के नेतृत्व में ट्रैफिक पुलिस द्वारा प्रेशर हॉर्न के खिलाफ की जा रही यह सख्ती आम लोगों को ध्वनि प्रदूषण से राहत दिलाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।