केलांग में 62वीं डीएलआरसी/डीसीसी बैठक: कृषि, एमएसएमई और प्राथमिकता क्षेत्र में ऋण बढ़ाने पर जोर

📍 स्थान / Location: केलांग, लाहौल स्पीति 🗂️ विषय / Category: हिमाचल / Himachal 📹 Agriculture Loans 📅 September 8, 2026 🌐 GPS: Lahual

केलांग में 62वीं डीएलआरसी/डीसीसी बैठक: कृषि, एमएसएमई और प्राथमिकता क्षेत्र में ऋण बढ़ाने पर जोर

केलांग: जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) एवं जिला स्तरीय समन्वय समिति (DCC) की 62वीं बैठक मंगलवार को केलांग में उपायुक्त किरण भड़ाना की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले में बैंकिंग क्षेत्र की प्रगति, ऋण वितरण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।

क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात बढ़ाने के निर्देश

बैठक में उपायुक्त ने सभी बैंक अधिकारियों को जिले में क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राथमिकता क्षेत्र को अधिक ऋण उपलब्ध करवाने, एमएसएमई क्षेत्र में ऋण वितरण बढ़ाने तथा कृषि क्षेत्र के अग्रिम ऋण पोर्टफोलियो को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बैंकों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। स्वयं सहायता समूहों को अधिक से अधिक ऋण सुविधाओं से जोड़ने तथा पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से बैंकिंग सहायता उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए गए।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के व्यापक प्रचार पर जोर

उपायुक्त ने बैंकों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पात्र लोगों को इन सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने पर बल दिया।

हर माह वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित करने के निर्देश

भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ आशीष सांगरा ने सभी बैंकों को वार्षिक ऋण योजना में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप ऋण वितरण और अग्रिम राशि सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक बैंक को हर माह कम से कम एक वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।

कृषि, एमएसएमई और स्वयं सहायता समूहों में ऋण प्रवाह बढ़ाने पर चर्चा

बैठक में कृषि, एमएसएमई, स्वयं सहायता समूहों और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने, वित्तीय समावेशन को मजबूत करने तथा पात्र लाभार्थियों तक बैंकिंग सेवाओं एवं सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

उपायुक्त ने बैंक अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि जिले की स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने के साथ-साथ लोगों को समयबद्ध, सुगम और प्रभावी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए।

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