पंजाब में गर्मी से राहत की उम्मीद, 2 सितंबर को कई इलाकों में हल्की बारिश का अनुमान

📍 स्थान / Location: Ludhiana 🗂️ विषय / Category: पंजाब / Punjab 📹 Full Video / पूरा वीडियो 📅 August 31, 2026 🌐 GPS: Ludhiana

लुधियाना: पंजाब में मौसम लगातार बदल रहा है। एक तरफ कई इलाकों में लोग तेज गर्मी और उमस से परेशान हैं, वहीं मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। हालांकि, राज्य में मानसून अभी भी कमजोर बना हुआ है और ज्यादातर इलाकों में मौसम के सूखा रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार, 2 सितंबर के आसपास पंजाब के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। पठानकोट, होशियारपुर और रोपड़ सहित कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं, राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है।

लुधियाना में गर्मी और उमस से लोग परेशान

पंजाब में तापमान लगातार बढ़ रहा है। लुधियाना में दिन का तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। इससे पहले 30 अगस्त को लुधियाना में न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया था। पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, यह 1970 के बाद 30 अगस्त का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान बताया जा रहा है। रात में तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण लोगों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल रही है।

अगले दो दिन कुछ जगहों पर बारिश की संभावना

पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के मौसम विभाग की प्रमुख डॉ. पवनीत कौर किंगरा ने बताया कि आने वाले करीब दो दिनों में पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, बारिश पूरे राज्य में नहीं होगी और कई इलाकों में मौसम शुष्क ही रहेगा। उन्होंने बताया कि अगस्त महीने में पंजाब में सामान्य के मुकाबले कम बारिश हुई है। कमजोर मानसून के कारण राज्य के कई हिस्सों में बारिश की कमी बनी हुई है।

एल नीनो का भी असर

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल मानसून की गतिविधियों पर एल नीनो का असर भी देखने को मिल रहा है। इसके चलते बारिश का पैटर्न प्रभावित हुआ है और अगस्त में कई इलाकों में अपेक्षाकृत कम बारिश दर्ज की गई है।

फिलहाल, 2 सितंबर के आसपास होने वाली संभावित बारिश से कुछ इलाकों में लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, राज्य में व्यापक और लगातार बारिश के लिए मानसून की गतिविधि मजबूत होना जरूरी होगा।

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