शिमला में प्राथमिक शिक्षकों का आंदोलन 35वें दिन भी जारी, सरकार को 5 सितंबर तक का अल्टीमेटम

📍 स्थान / Location: शिमला 🗂️ विषय / Category: हिमाचल / Himachal 📹 Himachal News 📅 August 29, 2026 🌐 GPS: शिमला

शिमला। हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ का क्रमिक अनशन शनिवार को 35वें दिन भी निदेशालय स्कूल शिक्षा, शिमला में जारी रहा। प्रदेशभर के प्राथमिक शिक्षक अपनी विभिन्न न्यायोचित मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। शनिवार को जिला बिलासपुर के पीटीएफ ब्लॉक श्री नैना देवी जी के पदाधिकारियों ने क्रमिक अनशन में भाग लेकर शिक्षकों की मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

अनशन पर बैठे शिक्षकों ने प्रदेश सरकार से अपील की कि उनकी सभी लंबित और न्यायपूर्ण मांगों को जल्द पूरा किया जाए। शिक्षक संघ का कहना है कि वह महात्मा गांधी के अहिंसा और सत्याग्रह के सिद्धांतों की तर्ज पर शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से अपना आंदोलन चला रहा है। संघ ने कहा कि प्रदेश का प्रत्येक शिक्षक पूरी निष्ठा और मजबूती के साथ इस संघर्ष में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है।

शिक्षक संघ के अनुसार, आंदोलन की शुरुआत 11 जुलाई 2026 को पैदल न्याय यात्रा से हुई थी। प्रदेशभर से शिक्षक पैदल यात्रा करते हुए शिमला पहुंचे थे। इसके बाद 26 जुलाई को शिमला के चौड़ा मैदान में विशाल धरना आयोजित किया गया, जिसके बाद निदेशालय स्कूल शिक्षा में क्रमिक अनशन शुरू किया गया। संघ का कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक शिक्षकों की न्यायोचित मांगों को सरकार द्वारा पूरा नहीं किया जाता।

संघ ने मुख्यमंत्री के 26 जुलाई को चौड़ा मैदान में दिए गए आश्वासन का भी उल्लेख किया। संघ के मुताबिक मुख्यमंत्री ने धरने के दौरान शिक्षकों को आश्वासन दिया था कि उनकी न्यू कॉम्प्लेक्स प्रणाली से संबंधित अधिसूचना को वापस लिया जाएगा और अन्य मांगों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें 5 सितंबर तक पूरा किया जाएगा।

शिक्षक संघ ने कहा कि उन्हें सरकार के आश्वासन पर विश्वास है और उम्मीद है कि 5 सितंबर तक उनकी मांगों को पूरा कर दिया जाएगा। हालांकि, संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयसीमा तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और आंदोलन के विभिन्न स्वरूप देखने को मिलेंगे।

संघ ने कहा कि शिक्षक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रख रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द निर्णय लेगी। फिलहाल निदेशालय स्कूल शिक्षा परिसर में क्रमिक अनशन लगातार जारी है और आने वाले दिनों में सरकार के रुख पर शिक्षक संघ की अगली रणनीति निर्भर करेगी।

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