झीड़ी में फ्लाईओवर को लेकर बढ़ा विवाद, प्रभावितों का विरोध तेज, आमरण अनशन पर बैठे कर्मवीर

📍 स्थान / Location: Kullu 🗂️ विषय / Category: हिमाचल / Himachal 📹 Controversy 📅 August 28, 2026 🌐 GPS: कुल्लू

कुल्लू: जिला मंडी और कुल्लू की सीमा पर कीरतपुर मनाली फोरलेन पर झीड़ी में प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है।फ्लाईओवर के निर्माण को लेकर स्थानीय प्रभावितों के द्वारा निर्माण स्थल पर एक रोष रैली भी निकाली गई। वही, स्थानीय व्यक्ति कर्मवीर पठानिया भी इसके विरोध में भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। हालांकि बीते दिन भी प्रशासन की ओर से तहसीलदार व नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे थे और स्थानीय जनता की आपत्तियां दर्ज कीं। लेकिन अब फनी लोगों ने मांग रखी है कि इस फ्लाईओवर का कार्य तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए।

डेढ़ किलोमीटर फ्लाईओवर से बढ़ेगी स्थानीय लोगों की परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि फोरलेन निर्माण के दौरान भूमि अधिग्रहण होने से क्षेत्र के लोगों के काम-धंधे पहले ही बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उनका कहना है कि कम मुआवजा मिलने के बावजूद प्रभावितों ने बैंकों से कर्ज लेकर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, दुकानें और अन्य पर्यटन गतिविधियों में दोबारा पूंजी लगाकर अपने रोजगार को पटरी पर लाने का प्रयास किया। लेकिन अब डेढ़ किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के बनने से सैलानी सीधे ही मनाली की ओर निकल जाएंगे और यहां का पर्यटन कारोबार खासा प्रभावित होगा।

प्रदर्शन करने पहुंचे नरेश कुमार का कहना है कि करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण के बाद स्थानीय लोगों को अपनी जमीन, पंचायत, सामुदायिक भवन, विभिन्न संस्थानों, कार्यालयों, बस ठहराव, जलस्रोत, नदी, वन क्षेत्र और श्मशानघाट जैसे स्थानों तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। उनका कहना है कि कई स्थान फ्लाईओवर से महज कुछ दूरी पर होने के बावजूद सीधी आवाजाही बाधित हो जाएगी।

झिड़ी निवासी दुष्यंत कुमार ने कहा कि झीड़ी क्षेत्र में रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक पर्यटन गतिविधियों के साथ होटल, होम स्टे, रेस्टोरेंट, ढाबे और टैक्सी संचालन से बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। उनका आरोप है कि फ्लाईओवर बनने से इन व्यवसायों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अनेक साधन समाप्त होने का खतरा है।

आमरण अनशन पर बैठे कर्मवीर पठानिया का कहना है कि स्थानीय ग्रामीण प्रशासन और एनएचएआई से लगातार मांग कर रहे हैं कि यहां पर फ्लाईओवर ना बनाकर गोल चौक बनाया जाए। ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारू हो सके। लेकिन इस और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और यहां पर करीब 30 करोड रुपए से अधिक की राशि फ्लाईओवर निर्माण पर खर्च की जा रही है। ऐसे में वह स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए आमरण अनशन पर बैठ गए और जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाती है। तब तक वह आमरण अनशन पर डटे रहेंगे।

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